मांस की अफवाह से सुंदरगढ़ सुलगा, दो समुदाय भिड़े, इंटरनेट बंद

Updated on 2026-01-16T16:44:55+05:30

मांस की अफवाह से सुंदरगढ़ सुलगा, दो समुदाय भिड़े, इंटरनेट बंद

मांस की अफवाह से सुंदरगढ़ सुलगा, दो समुदाय भिड़े, इंटरनेट बंद

ओडिशा के सुंदरगढ़ शहर में गुरुवार को उस वक्त तनाव फैल गया, जब एक घर में संदिग्ध मांस रखे होने की अफवाह फैल गई। देखते ही देखते यह अफवाह दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प में बदल गई, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन को इंटरनेट सेवाएं बंद करने और निषेधाज्ञा लागू करने जैसे सख्त कदम उठाने पड़े।

 

घटना सुंदरगढ़ के रीजेंट मार्केट इलाके से शुरू हुई, जहां अफवाह फैलते ही उग्र भीड़ इकट्ठा हो गई। आरोप है कि भीड़ ने एक घर में तोड़फोड़ की और पास खड़ी एक पिकअप वैन को आग के हवाले कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन हालात उस समय और बिगड़ गए जब भीड़ की ओर से अचानक पत्थरबाजी शुरू हो गई। पुलिस को हालात संभालने के लिए अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा।

 

जिला प्रशासन ने हालात को काबू में रखने के लिए गुरुवार शाम 6 बजे से पूरे सुंदरगढ़ शहर में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दीं। इसके साथ ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 लागू कर दी गई है, ताकि किसी भी तरह की भीड़ जमा होने और अफवाह फैलने से रोका जा सके। संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल और दंगा नियंत्रण इकाइयों की तैनाती की गई है।

 

सुंदरगढ़ के जिलापाल शुभंकर मोहपात्रा ने बताया कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर कड़े कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि अफवाहों के कारण माहौल बिगड़ा और प्रशासन इसकी गहराई से जांच कर रहा है। संदिग्ध मांस के नमूने को जांच के लिए भेजा गया है, ताकि तथ्यों की पुष्टि हो सके।

 

प्रशासन ने दोनों समुदायों के प्रमुख लोगों के साथ शांति समिति की बैठक भी बुलाई है, जिसमें लोगों से संयम बरतने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई। पुलिस और प्रशासन लगातार इलाके में गश्त कर रहे हैं और सोशल मीडिया के जरिए किसी भी तरह की भड़काऊ सामग्री पर नजर रखी जा रही है।

 

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें और शांति बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।