गिरिजा देवी की याद में सुरमयी श्रद्धांजलि, ठुमरी-कजरी से गूंजा मंच

Updated on 2025-05-15T15:55:03+05:30

गिरिजा देवी की याद में सुरमयी श्रद्धांजलि, ठुमरी-कजरी से गूंजा मंच

गिरिजा देवी की याद में सुरमयी श्रद्धांजलि, ठुमरी-कजरी से गूंजा मंच

भारतीय शास्त्रीय संगीत की 'ठुमरी की रानी' गिरिजा देवी की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में विदुषी सुनंदा शर्मा और पंडित साजन मिश्रा ने उनकी अमर रचनाओं को प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। 

गिरिजा दर्शन ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस विशेष संगीतमय संध्या में, विदुषी सुनंदा शर्मा ने 'कहनवा मानो ओ राधारानी' जैसी 150 वर्ष पुरानी कजरी प्रस्तुत की, जिसे सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे।  इस कजरी को गिरिजा देवी ने अपने गायन से अमर किया था। 

कार्यक्रम में पंडित साजन मिश्रा ने भी अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।  इस आयोजन का शुभारंभ पद्म विभूषण सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान, पंडित साजन मिश्रा, विदुषी सुनंदा शर्मा और पंडित रूपक कुलकर्णी ने संयुक्त रूप से किया। 

गिरिजा देवी, जिन्हें स्नेह से 'अप्पा जी' कहा जाता था, ने बनारस घराने की ठुमरी, कजरी, चैती और दादरा जैसी उपशास्त्रीय विधाओं को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया।  उनकी स्मृति में आयोजित यह कार्यक्रम उनकी संगीत साधना को श्रद्धांजलि अर्पित करने का एक प्रयास था।