पाकिस्तान खतरे पर मोदी का बड़ा बयान, रक्षा बजट बढ़ोतरी और सैन्य तैयारी पर स्पष्ट

Updated on 2026-02-16T15:10:30+05:30

पाकिस्तान खतरे पर मोदी का बड़ा बयान, रक्षा बजट बढ़ोतरी और सैन्य तैयारी पर स्पष्ट

पाकिस्तान खतरे पर मोदी का बड़ा बयान, रक्षा बजट बढ़ोतरी और सैन्य तैयारी पर स्पष्ट

समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा बजट में बढ़ोतरी, सैन्य तैयारी और पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ संभावित युद्ध के खतरे पर अपनी सरकार का दृष्टिकोण स्पष्ट किया। रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री ने कहा कि रक्षा बजट में वृद्धि किसी एक ऑपरेशन से जुड़ी प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि सरकार की दीर्घकालिक सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है।

सरकार ने इस वर्ष रक्षा क्षेत्र के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 15 प्रतिशत अधिक बताया जा रहा है। वहीं मॉडर्नाइजेशन के लिए 1.85 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जो लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। तीनों सेनाओं के खर्च के लिए करीब 2.20 लाख करोड़ रुपये तय किए गए हैं, जिसमें से 75 प्रतिशत घरेलू रक्षा उद्योग के लिए सुरक्षित रखा गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के पहले दिन से यह स्पष्ट था कि सशस्त्र बलों के लिए जो भी आवश्यक होगा, वह किया जाएगा। उन्होंने वन रैंक वन पेंशन (OROP) लागू करने को भी सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और कहा कि इससे पूर्व सैनिकों को सम्मान और सुविधाएं सुनिश्चित हुई हैं।

ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने इसे सशस्त्र बलों की बहादुरी और देश की ताकत का प्रतीक बताया। उनका कहना था कि इस अभियान ने पिछले दशक में किए गए सुरक्षा सुधारों की प्रभावशीलता को साबित किया है। आधुनिक हथियार प्रणालियां, बेहतर रणनीतिक तैयारी और तकनीकी उन्नयन ने सैनिकों को मजबूत बनाया है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सुरक्षा किसी एक घटना तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। बदलती वैश्विक सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए भारत का रक्षा तंत्र निरंतर विकसित किया जा रहा है ताकि देश किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहे।

इस बीच उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की संप्रभुता और सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए निरंतर निवेश तथा सुधार आवश्यक हैं। उनके अनुसार ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने यह विश्वास मजबूत किया है कि भारत हर परिस्थिति के लिए तैयार है और उसके सैनिक देश की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर हैं।

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