मोजतबा खामेनेई बने ईरान के नए सुप्रीम लीडर, सेनाओं ने ली वफादारी की शपथ, नाखुश ट्रंप

Updated on 2026-03-09T10:53:56+05:30

मोजतबा खामेनेई बने ईरान के नए सुप्रीम लीडर, सेनाओं ने ली वफादारी की शपथ, नाखुश ट्रंप

मोजतबा खामेनेई बने ईरान के नए सुप्रीम लीडर, सेनाओं ने ली वफादारी की शपथ, नाखुश ट्रंप

Iran New Supreme Leader: ईरान में आयतुल्लाह अली खामेनेई के निधन के बाद उनके बेटे मोजतबा हुसैनी खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर बना दिया गया है। उन्होंने अपने पिता की जगह यह पद संभाल लिया है। यह फैसला अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बावजूद लिया गया है।

ईरान की 88 सदस्यों वाली धार्मिक संस्था असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने वोटिंग के जरिए मोजतबा खामेनेई को देश का तीसरा सुप्रीम लीडर चुना है। पिता की मौत के कुछ दिनों बाद ही यह फैसला लिया गया और अब वह आधिकारिक तौर पर इस पद पर बैठ गए हैं।

सेना और नेताओं ने जताई वफादारी

रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके नाम की घोषणा होते ही ईरान की सेना, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और कई राजनीतिक नेताओं ने नए नेता के प्रति वफादारी की शपथ ली। IRGC ने बयान जारी कर कहा कि वह नए सुप्रीम लीडर के आदेशों का पालन करने के लिए पूरी तरह तैयार है। वहीं संसद के स्पीकर ने इसे देश का धार्मिक और राष्ट्रीय कर्तव्य बताया।

पर्दे के पीछे से मजबूत पकड़

56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई लंबे समय से अपने पिता के कार्यालय में सक्रिय थे और IRGC से उनके करीबी संबंध माने जाते हैं। वह सार्वजनिक रूप से कम दिखाई देते थे, लेकिन राजनीतिक और धार्मिक हलकों में उन्हें काफी प्रभावशाली माना जाता था। इसी वजह से उन्हें ‘पावर ब्रोकर’ और ‘गेटकीपर’ जैसे नामों से भी जाना जाता है।

ईरान-इराक युद्ध में भी रहे शामिल

मोजतबा खामेनेई ने 1980 से 1988 तक चले ईरान-इराक युद्ध के अंतिम चरण में हिस्सा लिया था। उस समय उन्होंने IRGC की हबीब इब्न मजाहिर बटालियन में सेवा दी थी। युद्ध के बाद वह क़ोम शहर चले गए, जहां उन्होंने शिया इस्लाम की धार्मिक शिक्षा हासिल की। वर्तमान में उनकी धार्मिक रैंक ‘हुज्जतुल इस्लाम’ मानी जाती है।

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