फोन पास लाते ही उड़ रहे पैसे, Tap-to-Pay फ्रॉड अलर्ट जानिए बचने का तरीका

Updated on 2026-01-07T16:43:59+05:30

फोन पास लाते ही उड़ रहे पैसे, Tap-to-Pay फ्रॉड अलर्ट जानिए बचने का तरीका

फोन पास लाते ही उड़ रहे पैसे, Tap-to-Pay फ्रॉड अलर्ट जानिए बचने का तरीका

डिजिटल पेमेंट ने सफर को आसान बना दिया है, लेकिन इसी सुविधा का फायदा उठाकर ठग नए-नए तरीके निकाल रहे हैं। हाल के महीनों में एक नया फ्रॉड सामने आया है, जिसे 'घोस्ट टैपिंग' कहा जा रहा है। इस स्कैम में ठग आपके डेबिट या क्रेडिट कार्ड के बेहद पास एक छोटा NFC डिवाइस या मोबाइल ले आते हैं और बिना आपकी जानकारी के Tap-to-Pay ट्रांजेक्शन कर देते हैं।

यह फ्रॉड खासतौर पर टूरिस्ट स्पॉट्स, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाली जगहों पर तेजी से फैल रहा है। यहां लोग अक्सर बैग, जेब या पर्स में कार्ड रखते हैं और धक्का-मुक्की के बीच ठग मौका निकाल लेते हैं। सबसे खतरनाक बात यह है कि छोटी रकम के लिए कई बार OTP या पिन की जरूरत नहीं होती, इसलिए ट्रांजेक्शन तुरंत हो जाता है।

कैसे होता है 'घोस्ट टैपिंग' ?

ठग एक पोर्टेबल पेमेंट रीडर या NFC - इनेबल्ड फोन लेकर चलते हैं। जैसे ही वे आपके कार्ड के करीब आते हैं, मशीन कार्ड को "टैप" मान लेती है और ट्रांजेक्शन प्रोसेस हो जाता है। पीड़ित को अक्सर तब पता चलता है, जब बैंक से मैसेज आता है या स्टेटमेंट चेक करता है।

किन लोगों को ज्यादा खतरा?

  • Tap-to-Pay कार्ड का इस्तेमाल करते हैं
  • जो सफर के दौरान कार्ड को खुले पर्स/जेब में रखते हैं
  • भीड़भाड़ में फोन या कार्ड से भुगतान करने के आदी लोग

ऐसे रखें खुद को सुरक्षित

1. Tap-to-Pay लिमिट कम रखें

अपने बैंक ऐप में कॉन्टैक्टलेस ट्रांजेक्शन की लिमिट न्यूनतम रखें।

2. RFID - ब्लॉकिंग वॉलेट/स्लीव इस्तेमाल करें

यह कार्ड को अनचाहे स्कैन से बचाता है।

3. अनजान ट्रांजेक्शन अलर्ट तुरंत चेक करें

SMS या ऐप नोटिफिकेशन आते ही रकम और मर्चेंट देखें।

4. Tap-to-Pay बंद कर दें (अगर जरूरत न हो)

बैंक ऐप या कस्टमर केयर से फीचर अस्थायी रूप से बंद कराया जा सकता है।

5. भीड़ में कार्ड अलग रखें

पर्स को बैग के अंदर सुरक्षित रखें, बाहरी जेब से बचें।

6. शक होने पर तुरंत कार्ड ब्लॉक करें

बैंक हेल्पलाइन पर कॉल करें और शिकायत दर्ज कराएं।

क्या करें अगर फ्रॉड हो जाए?

तुरंत कार्ड ब्लॉक कराएं

बैंक में चार्जबैक / डिस्प्यूट दर्ज करें साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें