संसद का मानसून सत्र LIVE: ऑपरेशन सिंदूर पर आज भी घमासान, अमित शाह दोपहर 12 बजे देंगे जवाब

Updated on 2025-07-29T15:23:42+05:30

संसद का मानसून सत्र LIVE: ऑपरेशन सिंदूर पर आज भी घमासान, अमित शाह दोपहर 12 बजे देंगे जवाब

संसद का मानसून सत्र LIVE: ऑपरेशन सिंदूर पर आज भी घमासान, अमित शाह दोपहर 12 बजे देंगे जवाब

संसद के मानसून सत्र में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर बहस आज भी जारी रहेगी। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में इस मुद्दे पर तीखी चर्चा हो रही है, जहां एक ओर सरकार ऑपरेशन को ‘सटीक और साहसी कार्रवाई’ बता रही है, वहीं विपक्ष सरकार की सुरक्षा रणनीति और खुफिया तंत्र पर सवाल खड़े कर रहा है।

क्या चल रहा है संसद में?

कल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि सेना ने जिस तरह से आतंकियों का सफाया किया, वह देश के सुरक्षा तंत्र की ताकत का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर कायम है।

विपक्ष की ओर से कांग्रेस नेताओं, खासकर अधीर रंजन चौधरी और मनीष तिवारी ने सरकार पर सवाल दागते हुए पूछा कि बार-बार खुफिया इनपुट के बावजूद आतंकी हमले क्यों हो रहे हैं? उन्होंने यह भी पूछा कि कश्मीर को ‘शांत और सामान्य’ बताने के दावों के बावजूद ऐसी घटनाएं आखिर क्यों नहीं रुक पा रहीं?

आज का एजेंडा क्या है?

आज दोपहर 12 बजे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस मुद्दे पर जवाब देंगे। माना जा रहा है कि वह न सिर्फ ऑपरेशन सिंदूर के पीछे की रणनीति बताएंगे, बल्कि जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति, खुफिया एजेंसियों की भूमिका और भविष्य की नीति पर भी विस्तार से बोलेंगे।

राज्यसभा में भी तेज़ बहस की संभावना

राज्यसभा में भी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर बहस तेज हो रही है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश और टीएमसी सांसदों ने घाटी में आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है, वहीं एनडीए सांसदों ने सेना के साहस को सलाम करते हुए विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया।

प्रियंका गांधी का बयान भी चर्चा में

इधर, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने बाहर से बयान देते हुए कहा कि "सरकार को सेना के पीछे छिपने की बजाय, जवाबदेही के साथ स्थिति का सामना करना चाहिए।" उनके इस बयान से सियासी माहौल और गर्म हो गया है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ अब संसद के मानसून सत्र का प्रमुख केंद्र बन चुका है। जहां सरकार इसे आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई बताकर अपना रुख मजबूत कर रही है, वहीं विपक्ष इसे कश्मीर नीति की असफलता से जोड़ रहा है। आज अमित शाह के जवाब के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि बहस का रुख किस ओर जाता है।