मुंबई बुजुर्ग को 54 दिन डिजिटल अरेस्ट, 41 लाख ठगी
मुंबई बुजुर्ग को 54 दिन डिजिटल अरेस्ट, 41 लाख ठगी
मुंबई के भांडुप इलाके में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को ATS और NIA अधिकारी बताकर एक रिटायर्ड बैंक मैनेजर को दिल्ली बम धमाकों और मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी और उन्हें मानसिक रूप से बंधक बना लिया।
54 दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा
ठगों ने पीड़ित को पूरे 54 दिनों तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा, जिसमें उन्हें लगातार निगरानी में रखकर किसी से संपर्क नहीं करने दिया गया। इस दौरान उन्हें घर के एक कमरे में बंद रहने के लिए मजबूर किया गया और हर निर्देश मानने का दबाव बनाया गया।
रिटायर्ड बैंक मैनेजर को बनाया शिकार
पीड़ित राजेंद्र तुकाराम सुर्वे (61), Maharashtra State Cooperative Bank से रिटायर मैनेजर हैं। उन्हें 10 मार्च 2026 को सिग्नल ऐप के जरिए कॉल आया, जिसमें ठग ने खुद को दिल्ली ATS का PSI सिंह बताया और उनके नाम पर गंभीर आरोप लगाए।
फर्जी केस और सुप्रीम कोर्ट का हवाला
ठगों ने दावा किया कि सुर्वे का नाम दिल्ली धमाकों और करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल है। इतना ही नहीं, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फर्जी आदेश दिखाकर पीड़ित को मानसिक रूप से दबाव में ले लिया, जिससे वे पूरी तरह उनके नियंत्रण में आ गए।
लगातार पैसे ट्रांसफर कराए
डर और दबाव में पीड़ित से पहले 2.90 लाख रुपये वसूले गए। इसके बाद शेयर बाजार में निवेश किए गए 29 लाख रुपये के शेयर बेचवाकर 28 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए गए। बाद में ‘बेल सिक्योरिटी’ के नाम पर 10 लाख रुपये और मांगे गए, जो उनकी पत्नी ने लोन लेकर दिए।
ठगी का अहसास और शिकायत
ठगों ने भरोसा दिलाया था कि जांच खत्म होने के बाद रकम वापस कर दी जाएगी, लेकिन पैसे मिलने के बाद उन्होंने संपर्क तोड़ दिया। लंबे इंतजार के बाद पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने 3 मई को साइबर हेल्पलाइन तथा 4 मई 2026 को औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
साइबर सेल की जांच जारी
मुंबई साइबर सेल अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच कर रही है और उन बैंक खातों को ट्रैक किया जा रहा है जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। यह मामला एक बार फिर डिजिटल अरेस्ट जैसे नए साइबर फ्रॉड के खतरों को उजागर करता है।
यह भी पढ़े