सिर्फ सड़क नहीं उखड़ी, भ्रष्टाचार की परतें उधेड़ दीं: पीलीभीत में गांववालों ने ₹4.27 करोड़ के घोटाले का किया पर्दाफाश

Updated on 2025-04-09T14:25:21+05:30

सिर्फ सड़क नहीं उखड़ी, भ्रष्टाचार की परतें उधेड़ दीं: पीलीभीत में गांववालों ने ₹4.27 करोड़ के घोटाले का किया पर्दाफाश

सिर्फ सड़क नहीं उखड़ी, भ्रष्टाचार की परतें उधेड़ दीं: पीलीभीत में गांववालों ने ₹4.27 करोड़ के घोटाले का किया पर्दाफाश

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत ज़िले से एक ऐसा वाकया सामने आया है जो पूरे सिस्टम को आइना दिखा गया। यहां गांववालों ने एक नई बनी सड़क को खुद अपने हाथों से उखाड़ डाला—क्योंकि वो सड़क सिर्फ नाम की बनी थी। ये सड़क 4.27 करोड़ की लागत से बनी थी, लेकिन हकीकत में ये सड़क नहीं, एक 'काली परत वाला धोखा' थी।

सड़क बनी, लेकिन भरोसा टूटा

लोगों की उम्मीदें टूटी जब सड़क कुछ ही दिनों में उखड़ने लगी।

पिलीभीत के इस 7.27 किलोमीटर लंबे सड़क प्रोजेक्ट को पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) ने बनाया था। ये सड़क गांव को अन्य इलाकों से जोड़ने के लिए थी, लेकिन इसकी हालत कुछ ही दिनों में इतनी खराब हो गई कि लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।

गांववालों ने ली पहल, खुद दिखाई असलियत

सरकार की चुप्पी के बीच, जनता ने खुद उठाया जिम्मा।

निराश और नाराज़ गांववालों ने किसी नेता या अधिकारी का इंतजार नहीं किया। उन्होंने हाथ में फावड़ा और लोहे की रॉड लेकर खुद ही सड़क की परतें उधेड़ दीं। जैसे ही पहली परत उखड़ी, नीचे की सच्चाई दिख गई—न मिट्टी की सही तैयारी थी, न डामर की परत ठीक थी।

वीडियो हुआ वायरल, सोशल मीडिया पर मचा हंगामा

एक वीडियो ने पूरे देश का ध्यान खींचा।

गांववालों द्वारा सड़क उखाड़ने का वीडियो इंटरनेट पर जंगल की आग की तरह फैल गया। लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए कि आखिर इतने पैसे खर्च करने के बाद भी सड़क इतनी घटिया कैसे बन गई?

पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट पर उठे सवाल

क्या कोई जिम्मेदार पकड़ा जाएगा?

PWD पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। लोकल प्रशासन को अब इस घोटाले की जांच के आदेश देने पड़े हैं। लेकिन सवाल ये है—क्या सिर्फ जांच से सिस्टम सुधरेगा?

एक गांव की हिम्मत, पूरे देश के लिए सबक

पिलीभीत के लोगों ने दिखाया कि आवाज़ उठाना ज़रूरी है।

ये घटना सिर्फ एक सड़क या एक गांव की नहीं है। ये उस पूरे सिस्टम की कहानी है जहां आम आदमी के पैसे से बने प्रोजेक्ट भी 'नाम के विकास' तक सिमट जाते हैं। लेकिन पिलीभीत के लोगों ने साबित कर दिया कि अगर जनता जाग जाए, तो भ्रष्टाचार की नींव भी हिल सकती है।

सरकार की योजनाओं को ज़मीन पर उतारना जितना ज़रूरी है, उतना ही ज़रूरी है जनता की निगरानी। पिलीभीत की ये कहानी हर गांव, हर शहर के लिए एक प्रेरणा है—कि अब वक्त आ गया है जब विकास सिर्फ फाइलों में नहीं, ज़मीन पर भी दिखना चाहिए।