अब 9वीं-12वीं के टीचर बनने के लिए CTET जरूरी, CBSE जल्द देगा नई गाइडलाइन
अब 9वीं-12वीं के टीचर बनने के लिए CTET जरूरी, CBSE जल्द देगा नई गाइडलाइन
अगर आप 9वीं से 12वीं तक के स्कूल टीचर बनने का सपना देख रहे हैं, तो अब आपको पहले से ज्यादा मेहनत करनी होगी। CBSE ने फैसला किया है कि अब 9वीं से 12वीं कक्षा में पढ़ाने के लिए भी CTET परीक्षा देना जरूरी होगा। इसके लिए CBSE जल्दी ही नई गाइडलाइन जारी करेगा।
CTET क्या है और पहले कौन दे सकता था?
CTET (Central Teacher Eligibility Test) एक नेशनल लेवल की परीक्षा है, जिसे CBSE और NCTE मिलकर कराते हैं। यह परीक्षा उन लोगों के लिए होती है जो केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय या CBSE से जुड़े स्कूलों में शिक्षक बनना चाहते हैं।
अब तक यह परीक्षा दो लेवल पर होती थी:
- पेपर 1 – कक्षा 1 से 5 के लिए
- पेपर 2 – कक्षा 6 से 8 के लिए
कैंडिडेट्स चाहें तो दोनों पेपर दे सकते थे। लेकिन अब इसका दायरा बढ़ाया जा रहा है।
क्या बदलाव होने वाला है?
- CBSE और NCTE अब CTET को चार लेवल पर कराने की योजना बना रहे हैं:कक्षा 1 से 5 (पेपर 1)
- कक्षा 6 से 8 (पेपर 2)
- कक्षा 9 से 12 (नया पेपर)
- बाल वाटिका (प्री-प्राइमरी के लिए)
यानि अब हाई स्कूल (9वीं-12वीं) में पढ़ाने के लिए भी CTET पास करना जरूरी होगा। साथ ही, प्री-प्राइमरी बच्चों के लिए भी एक अलग परीक्षा शुरू की जा सकती है।
यह नया नियम कब से लागू होगा?
CBSE जल्द ही इस पर गाइडलाइन जारी करेगा। अगर सब कुछ तय समय पर हुआ, तो यह नियम इस साल के अंत या अगले साल से लागू हो सकता है। संभावना है कि 2025 में CTET तीन या चार लेवल में आयोजित हो।
अभी तक 9वीं-12वीं के टीचर बनने के लिए क्या चाहिए था?
अब तक हाई स्कूल में पढ़ाने के लिए बीएड और पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री जरूरी होती थी। कुछ स्कूलों में CTET अनिवार्य नहीं था, यह स्कूल की पसंद पर निर्भर करता था। लेकिन CBSE से जुड़े स्कूलों में पहले से ही CTET जरूरी है। अब नए नियम के बाद, सभी CBSE स्कूलों में 9वीं-12वीं के लिए CTET पास करना अनिवार्य होगा।