NSE का आईपीओ: भारत का सबसे बड़ा आईपीओ बनने की ओर अग्रसर
NSE का आईपीओ: भारत का सबसे बड़ा आईपीओ बनने की ओर अग्रसर
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का मार्केट कैप प्राइवेट मार्केट में ₹6 लाख करोड़ के करीब पहुंच चुका है। यदि NSE अपनी 10% इक्विटी भी बेचता है, तो आईपीओ के जरिए ₹55,000 से ₹60,000 करोड़ जुटाने की संभावना है। यह राशि हुंडई मोटर इंडिया के ₹28,870 करोड़ के आईपीओ से कहीं अधिक होगी ।
NSE, जो भारत का सबसे बड़ा इक्विटी डेरिवेटिव्स एक्सचेंज है, ने 2024 में 17,141 करोड़ रुपये का राजस्व और 12,188 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो क्रमशः 16% और 47% की वृद्धि को दर्शाता है ।
हालांकि, NSE का आईपीओ अभी तक सेबी (SEBI) से मंजूरी का इंतजार कर रहा है। सेबी ने पहले NSE पर अनुचित ट्रेडिंग एक्सेस देने के आरोप में ₹1,000 करोड़ का जुर्माना लगाया था, जिसे NSE ने अक्टूबर 2024 में चुका दिया। इसके बाद से आईपीओ की प्रक्रिया में तेजी आई है
NSE का आईपीओ भारतीय निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करता है, और यदि यह सफल होता है, तो यह भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा।