Operation Sindoor: बहावलपुर से कोटली तक ये 9 ठिकाने क्यों चुने गए एयर स्ट्राइक के लिए? जानिए वजह।

Updated on 2025-05-07T10:19:44+05:30

Operation Sindoor: बहावलपुर से कोटली तक ये 9 ठिकाने क्यों चुने गए एयर स्ट्राइक के लिए? जानिए वजह।

Operation Sindoor: बहावलपुर से कोटली तक ये 9 ठिकाने क्यों चुने गए एयर स्ट्राइक के लिए? जानिए वजह।

Operation Sindoor: भारतीय सेना ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के ठीक दो हफ्ते बाद पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। बुधवार देर रात, भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की।

यह हमला खास इसलिए था क्योंकि इसमें पहली बार सेना, वायुसेना और नौसेना ने एक साथ बड़ी कार्रवाई की, जो 1971 की जंग के बाद पहली बार हुआ। भारत ने उन जगहों को टारगेट किया, जो लंबे समय से आतंकियों के अड्डे रहे हैं और भारत पर हमले की साजिशों में इस्तेमाल होते थे।

यहां जानिए वो 9 जगहें क्यों टारगेट की गईं:

???? बहावलपुर (पंजाब, पाकिस्तान):
जैश-ए-मोहम्मद का मुख्य अड्डा है। मसूद अजहर के संगठन ने संसद और पुलवामा हमले जैसे बड़े हमले किए हैं। इसलिए इसे सबसे पहले निशाना बनाया गया।

???? मुरीदके (लाहौर के पास):
यहां लश्कर-ए-तैयबा का ट्रेनिंग कैंप है। 26/11 मुंबई हमले के आतंकियों को यहीं ट्रेनिंग दी गई थी।

???? कोटली (पीओके):
ये जगह आत्मघाती हमलावरों और घुसपैठियों की ट्रेनिंग का गढ़ रही है। यहां हमेशा बड़ी संख्या में आतंकी ट्रेनिंग लेते हैं।

???? गुलपुर (पीओके):
यह राजौरी और पुंछ हमलों में इस्तेमाल होने वाला लॉन्च पैड था। यहां से आतंकी भारतीय सीमा में दाखिल होते थे।

???? सवाई, सरजल और बर्नाला:
ये तीनों जगहें आतंकियों की घुसपैठ के रास्ते रही हैं। यहां से आतंकी LOC और बॉर्डर पार कर भारत में घुसते थे।

???? मेहमूना (सियालकोट के पास):
यह हिजबुल मुजाहिद्दीन का पुराना ठिकाना है। अब भले इसकी ताकत कम हो गई हो, लेकिन कुछ ट्रेनिंग गतिविधियां अभी भी चलती हैं।

???? इन जगहों पर हमला कर भारत ने इन आतंकी संगठनों को बड़ा झटका दिया:

  • बहावलपुर: मार्कज सुब्हान अल्लाह (जैश)
  • मुरीदके: मार्कज तैबा (लश्कर)
  • सरजल: तहरा कलां (जैश)
  • सियालकोट: मेहमूना जौया (हिजबुल)
  • बर्नाला: मार्कज अहले हदीस (लश्कर)
  • कोटली: मार्कज अब्बास (जैश), मस्कर रहील शाहिद (हिजबुल)
  • मुजफ्फराबाद: शवाई नाला कैंप (लश्कर), सय्यदना बिलाल कैंप (जैश)

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