पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि पर बातचीत की इच्छा जताई, भारत की आपत्तियों पर विचार करने को तैयार

Updated on 2025-05-15T10:44:29+05:30

पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि पर बातचीत की इच्छा जताई, भारत की आपत्तियों पर विचार करने को तैयार

पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि पर बातचीत की इच्छा जताई, भारत की आपत्तियों पर विचार करने को तैयार

पाकिस्तान ने पहली बार संकेत दिया है कि वह 1960 की सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) पर भारत की आपत्तियों पर बातचीत करने को तैयार है।  यह कदम 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा संधि को निलंबित करने के निर्णय के बाद उठाया गया है। 

भारत ने पहलगाम हमले, जिसमें 26 नागरिकों की जान गई थी, के बाद पाकिस्तान पर आतंकवाद के समर्थन का आरोप लगाते हुए सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।  इसके तहत भारत ने पाकिस्तान को जाने वाले जल प्रवाह को रोकने और नए जल परियोजनाओं पर काम शुरू करने जैसे कदम उठाए थे। 

पाकिस्तान के जल संसाधन सचिव सैयद अली मुर्तजा ने कहा है कि इस संधि पर भारत की चिंताओं को समझने और बातचीत के माध्यम से समाधान खोजने के लिए पाकिस्तान तैयार है।  हालांकि, पाकिस्तान ने यह भी स्पष्ट किया है कि संधि का एकतरफा निलंबन अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत वैध नहीं है और वह इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने का अधिकार रखता है। 

विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की यह पहल क्षेत्रीय तनाव को कम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम हो सकती है।  हालांकि, भारत की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। 

सिंधु जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच जल बंटवारे को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता है, जो दोनों देशों के बीच दशकों से चले आ रहे जल विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने में मदद करता रहा है।