अग्निवीरों को अर्धसैनिक बलों में समायोजन की तैयारी…
अग्निवीरों को अर्धसैनिक बलों में समायोजन की तैयारी…
अग्निवीर योजना के तहत सेना में भर्ती हुए जवानों को लेकर केंद्र सरकार एक अहम घोषणा की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि 2026 में अग्निवीरों की पहली बैच का कार्यकाल पूरा होने से पहले उन्हें अर्धसैनिक बलों में समायोजित करने की योजना पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इस मुद्दे पर गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के बीच लगातार चर्चा चल रही है
सूत्रों के अनुसार सरकार का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि चार साल की सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। इसी कड़ी में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों यानी CAPF, जैसे सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी में उनकी तैनाती का रास्ता खोला जा सकता है। बताया जा रहा है कि इन बलों में जवानों की जरूरत को देखते हुए अग्निवीरों के अनुभव का लाभ उठाया जा सकता है।
इस बीच गृह मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अग्निवीरों को सेना में मिले प्रशिक्षण और अनुशासन को अर्धसैनिक बलों के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि यदि यह योजना लागू होती है, तो भर्ती प्रक्रिया में अग्निवीरों को प्राथमिकता दी जा सकती है या उनके लिए अलग से कोटा तय किया जा सकता है। हालांकि अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
वहीं दूसरी ओर रक्षा मंत्रालय का कहना है कि अग्निवीर योजना का उद्देश्य युवाओं को सैन्य प्रशिक्षण के साथ अनुशासन और कौशल प्रदान करना है, ताकि वे सेवा के बाद भी देश के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान दे सकें। ऐसे में अर्धसैनिक बलों में समायोजन को इस योजना का स्वाभाविक विस्तार माना जा रहा है।
राजनीतिक और रणनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक 2026 में जब पहली बैच रिटायर होगी, तब हजारों प्रशिक्षित युवा रोजगार बाजार में आएंगे। अगर उन्हें समय रहते अर्धसैनिक बलों में समायोजन का विकल्प मिलता है, तो इससे न सिर्फ युवाओं की चिंता कम होगी बल्कि सुरक्षा बलों को भी प्रशिक्षित मानव संसाधन मिलेगा। इसी कारण सरकार पर इस दिशा में ठोस नीति लाने का दबाव भी बढ़ रहा है।
फिलहाल सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि आने वाले महीनों में इस पर स्पष्ट नीति सामने आ सकती है। ऐसे में अग्निवीरों और उनके परिवारों की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
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