सरकारी बैंक में बीमा बेचने को लेकर खुलासा, ग्राहक हो रहे मूर्ख

Updated on 2025-09-26T15:01:11+05:30

सरकारी बैंक में बीमा बेचने को लेकर खुलासा, ग्राहक हो रहे मूर्ख

सरकारी बैंक में बीमा बेचने को लेकर खुलासा, ग्राहक हो रहे मूर्ख

एक सरकारी बैंक की महिला कर्मचारी ने खुलासा किया है कि ग्राहकों को बीमा उत्पादों के नाम पर अक्सर गुमराह किया जा रहा है। उनका कहना है कि कर्मचारियों पर बीमा बेचने का दबाव रहता है, जिससे ग्राहक जरूरत से ज्यादा और कई बार बेकार पॉलिसी खरीदने को मजबूर होते हैं।

कर्मचारी ने बताया कि बैंक में लक्ष्य आधारित कामकाज की नीति के चलते उन्हें ग्राहक की सुविधा और जरूरत की बजाय बिक्री बढ़ाने पर ध्यान देना पड़ता है। कई बार ग्राहक को सही जानकारी दिए बिना पॉलिसी बेच दी जाती है, जिससे बाद में शिकायतें आती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी बैंक में यह प्रवृत्ति न केवल ग्राहकों के लिए नुकसानदेह है, बल्कि बैंक की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करती है। कर्मचारी ने यह भी सुझाव दिया कि ग्राहकों को पूरी जानकारी दी जाए और उनकी सहमति के बिना कोई उत्पाद न बेचा जाए।

सोशल मीडिया पर यह खुलासा वायरल हो गया है और लोग बैंकिंग सिस्टम में सुधार की मांग कर रहे हैं, ताकि ग्राहकों के हितों की सही तरह से रक्षा हो सके।