भारत–अफगान रिश्तों पर बढ़ती गर्मी…

Updated on 2025-12-04T14:39:57+05:30

भारत–अफगान रिश्तों पर बढ़ती गर्मी…

भारत–अफगान रिश्तों पर बढ़ती गर्मी…

भारत और अफगानिस्तान के बीच हाल के दिनों में बढ़ती नज़दीकियों ने पाकिस्तान को असहज कर दिया है। अफगान मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने अब खुले तौर पर जवाब देते हुए साफ कह दिया कि काबुल अपनी विदेश नीति में किसी तीसरे देश की दखलंदाज़ी बर्दाश्त नहीं करेगा, और यहीं से बहस और तेज हो गई।

दरअसल, भारत और अफगानिस्तान के बीच मानवीय सहायता, विकास परियोजनाओं और कूटनीतिक संवाद में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। पाकिस्तान को यही बात खटक रही है। वह दावा कर रहा है कि अफगानिस्तान को भारत से दूरी रखनी चाहिए, लेकिन तालिबान सरकार ने उसके आरोपों को सीधे खारिज कर दिया।

मुत्ताकी ने कहा कि अफगानिस्तान अपने हितों के आधार पर फैसला करता है और किसी दबाव में नहीं चलता। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत के साथ संबंध अफगानिस्तान की ज़रूरत और क्षेत्रीय स्थिरता दोनों के लिए अहम हैं। उनके इस बयान के बाद पाकिस्तान की आलोचना और तेज हुई, लेकिन अफगानिस्तान ने साफ कर दिया कि पड़ोसी देशों के आपसी तनाव में वह “चयन” की राजनीति नहीं करेगा।

भारत लंबे समय से अफगानिस्तान में सड़कों, अस्पतालों, शिक्षा और राहत परियोजनाओं का बड़ा साझेदार रहा है। यही कारण है कि काबुल अब फिर से भारत को भरोसेमंद साथी के तौर पर देख रहा है। पाकिस्तान की कड़ी प्रतिक्रिया इस बात का संकेत है कि उसे अफगान–भारत निकटता से क्षेत्रीय संतुलन बदलने का डर है।

मुत्ताकी के बयान ने कम से कम यह साफ कर दिया है कि तालिबान भारत के साथ अपने रिश्ते सार्वजनिक रूप से जताने में अब हिचक नहीं रहा, और इससे दिल्ली–काबुल की दोस्ती एक नया मोड़ पकड़ती दिख रही है।