शुभांशु शुक्ला का Axiom‑4 मिशन एक दिन की देरी के साथ 11 जून को लॉन्च होगा

Updated on 2025-06-10T10:35:22+05:30

शुभांशु शुक्ला का Axiom‑4 मिशन एक दिन की देरी के साथ 11 जून को लॉन्च होगा

शुभांशु शुक्ला का Axiom‑4 मिशन एक दिन की देरी के साथ 11 जून को लॉन्च होगा

अगले सप्ताह फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से Axiom‑4 मिशन का पुनर्निर्धारित प्रक्षेपण 11 जून को सुबह 5:52 बजे (IST) निर्धारित किया गया है  । खराब मौसम की वजह से यह एक दिन के लिए टल गया।

प्रमुख तथ्य:

टीमें तैयार, क्वारंटाइन पूरी: शुभांषु शुक्ल और उनके अंतर्राष्ट्रीय दल—कमांडर पेगी व्हिटसन, हंगरी से तिबोर कापु और पोलैंड से स्लावोस उज़नान्स्की-विस्निएव्स्की—14 दिन के लिए ISS के लिए रवाना होंगे  

पहला ISRO पायलट ISS तक: अनुभवी IAF पायलट Group Capt. शुभांषु शुक्ल, 1984 के बाद, दोबारा भारत का अंतरिक्ष में प्रतिनिधित्व करेंगे—राकेश शर्मा के बाद ये दूसरी बार है जब कोई भारतीय ऑफिसियल तौर पर ISS में जा रहा है  ।

वैज्ञानिक मिशन: इस यात्रा में माइक्रोग्रैविटी विज्ञान, फूड-न्यूट्रिशन प्रयोग, Earth observation सहित कुल पांच संयुक्त अनुसंधान संचालित होंगे; एमपी-बायोटेक व NASA का सहयोग इसमें शामिल है  ।

प्रमुख प्रेरक संदेश: शुक्ल ने इसे कहा है, “यह यात्रा 1.4 बिलियन भारतवासियों का सपना है”—दिल से जुड़ने और जागरूकता बढ़ाने का उनका लक्ष्य है  ।

Axiom‑4 मिशन में शुभांषु शुक्ल की भूमिका भारत के अंतरिक्ष इतिहास में नया अध्याय जोड़ने जा रही है। हालांकि मौसम ने बाधा डाली, लेकिन 11 जून को उम्मीद की नई किरण फिर चमकी है। यह मिशन सिर्फ एक उड़ान नहीं—यह भारत की वैज्ञानिक प्रगति, वैश्विक सहयोग, और युवा पीढ़ी को अंतरिक्ष विज्ञान की ओर प्रेरित करने वाला एक प्रतीक है।

आगे क्या देखने को मिलेगा:

तकनीकी तैयारी और हेल्थ मॉनिटरिंग on‑site,

लेओरबिट डॉकेशन की सफलता,

ISS पर भारतीय प्रयोगों की रिपोर्ट,

प्रधानमंत्री मोदी का संभावित संवाद कार्यक्रम।

भारत के लिए यह समय गर्व और संभावनाओं से भरा है—अंतरिक्ष में शुभांषु शुक्ल की भूमिका निश्चित ही देशवासियों को गर्व से भरने वाली है।