125 फाइटर जेट, B2 बॉम्बर और 11 हजार KM दूर ऑपरेशन मिडनाइट हैमर की कहानी

Updated on 2025-06-23T12:40:51+05:30

125 फाइटर जेट, B2 बॉम्बर और 11 हजार KM दूर ऑपरेशन मिडनाइट हैमर की कहानी

125 फाइटर जेट, B2 बॉम्बर और 11 हजार KM दूर ऑपरेशन मिडनाइट हैमर की कहानी

संयुक्त राज्य अमेरिका ने इरान के तीन प्रमुख परमाणु स्थलों—Fordow, Natanz, और Isfahan—पर एक गुप्त कार्रवाई के तहत हवाई और पनडुब्बी हमले किए। इस ऑपरेशन का नाम "Operation Midnight Hammer" रखा गया और इसमें लगभग 125 विमान, सात B‑2 स्टील्थ बॉम्बर और उन्नत क्रूज़ मिसाइलों का व्यापक इस्तेमाल किया गया  ।

रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और चीफ ऑफ जॉइंट चीफ्स जनरल डैन केन की प्रेस ब्रीफिंग में इस हमले को “बोल्ड और शानदार सफलता” बताया गया, जिसमें विशेष रूप से GBU‑57 ‘Massive Ordnance Penetrator’ 30,000‑पाउंड के बंकर‑बस्टर बम शामिल थे—जो पहली बार वास्तविक लड़ाई में इस्तेमाल किए गए  ।

अधिकारियों ने बताया कि हमले की योजना महीनों पहले बनाई गई थी और इसमें धोखाधड़ियों (decoy flights) का प्रयोग होकर B‑2 बॉम्बरों को इराक की ओर भेजा गया, ताकि विरोधी देश भ्रमित हो जाएँ  । प्रेसिडेंट ट्रम्प ने इसे "संपूर्ण विनाश" कहकर संबोधित किया, वहीं कुछ अधिकारी यह स्पष्ट करते हुए कि यह "परमाणु क्षमता को समाप्त" करने का उद्देश्य था, पर असली प्रभाव आकलन अभी बाकी है  ।

इरान ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताते हुए कड़ी निंदा की है। उनकी प्रतिक्रिया में यह भी कहा गया कि क्षति “गंभीर” नहीं थी और “कोई अपूरणीय नुकसान नहीं” हुआ  । इसके साथ ही इरान ने अमेरिका और इज़राइल से “अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में” जवाब माँगने की चेतावनी दी है  ।

विश्व समुदाय की प्रतिक्रियाएँ मिश्रित रही हैं। ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया जैसे पश्चिमी देशों ने अमेरिका का समर्थन किया, जबकि रूस, चीन और संयुक्त राष्ट्र ने तत्काल संयम और कूटनीति की आवश्यकता पर जोर दिया  ।

इस हमले ने मध्य-पूर्व में संभावित विस्तार के साथ वैश्विक तेल बाज़ार और भू‑राजनीतिक संतुलन को प्रभावित किया है। वर्तमान में इरान की ओर से पलटवार की आशंका बनी हुई है, और अमेरिका‑इरान तनाव में बढ़ोतरी के बीच, विश्व समुदाय कूटनीतिक समाधान की पुकार उठा रहा है।