JEE पास, लेकिन 12वीं में फंसे छात्र! अब कैसे मिलेगा बीटेक?
JEE पास, लेकिन 12वीं में फंसे छात्र! अब कैसे मिलेगा बीटेक?
CBSE 12वीं बोर्ड रिजल्ट 2026 ने इस बार हजारों साइंस स्टूडेंट्स को बड़ा झटका दिया है. कई ऐसे छात्र जिन्होंने JEE Main में शानदार प्रदर्शन किया, वे बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत का जरूरी क्राइटेरिया पूरा नहीं कर पाए. अब IIT, NIT और IIIT जैसे बड़े इंजीनियरिंग संस्थानों में उनके एडमिशन पर संकट खड़ा हो गया है.
OSM सिस्टम बना छात्रों की परेशानी?
13 मई को जारी रिजल्ट में CBSE ने पहली बार बड़े स्तर पर ऑन-स्क्रीन मार्किंग यानी OSM सिस्टम लागू किया. करीब 98 लाख कॉपियों की डिजिटल जांच की गई. बोर्ड ने इसे पारदर्शी और गलती-मुक्त बताया, लेकिन छात्रों और एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस सख्त जांच प्रक्रिया का सबसे ज्यादा असर साइंस स्ट्रीम पर पड़ा.
इस बार मैथ्स, फिजिक्स और केमिस्ट्री जैसे विषयों में फुल मार्क्स पाने वाले छात्रों की संख्या बेहद कम रही. फिजिक्स में सिर्फ 96 छात्रों को 100 नंबर मिले, जबकि मैथ्स में 1283 और केमिस्ट्री में 1061 छात्र ही पूरे अंक ला सके. दूसरी तरफ पेंटिंग, साइकोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों में हजारों छात्रों ने 100 स्कोर किए.
क्या है नया स्टेप-मार्किंग सिस्टम?
ऑन-स्क्रीन मार्किंग के तहत कॉपियों को स्कैन करके कंप्यूटर स्क्रीन पर जांचा जाता है. परीक्षकों को CBSE की तय डिजिटल आंसर-स्कीम के हिसाब से हर स्टेप पर नंबर देने होते हैं. अगर छात्र का जवाब सही भी हो लेकिन तरीका अलग हो, तो पूरे अंक नहीं दिए जाते.
यही वजह रही कि कई छात्रों ने सही उत्तर लिखने के बावजूद नंबर गंवा दिए. खासकर साइंस विषयों में सवाल हल करने की प्रक्रिया और फॉर्मेट को बहुत महत्व दिया गया.
JEE की तैयारी बनी नुकसान की वजह?
विशेषज्ञों का मानना है कि JEE और NEET की तैयारी करने वाले छात्र ज्यादातर समय MCQ और कॉन्सेप्ट बेस्ड पढ़ाई में लगाते हैं. ऐसे में लंबे जवाब लिखने और बोर्ड पैटर्न के अनुसार स्टेप्स दिखाने की आदत कमजोर हो जाती है. इसका सीधा असर बोर्ड परीक्षा में देखने को मिला.
ऑनलाइन जांच के दौरान परीक्षकों पर भी सख्ती रहती है, जिससे वे तय स्कीम से बाहर जाकर नंबर देने से बचते हैं. इसी कारण इस बार कई मेधावी छात्रों के नंबर उम्मीद से कम आए.
अब छात्रों के पास क्या विकल्प?
जो छात्र अपने रिजल्ट से संतुष्ट नहीं हैं, उनके लिए CBSE 18 मई से रीचेकिंग और रीवेल्यूएशन प्रक्रिया शुरू करेगा. छात्र ऑनलाइन आवेदन करके मार्क्स वेरिफिकेशन, स्कैन कॉपी डाउनलोड और चुने हुए सवालों की दोबारा जांच करा सकेंगे.
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