Sugarcane Juice Risk: गर्मी में गन्ने का जूस पीने से पहले जान लें डॉक्टर की चेतावनी

Updated on 2026-04-30T12:56:40+05:30

Sugarcane Juice Risk: गर्मी में गन्ने का जूस पीने से पहले जान लें डॉक्टर की चेतावनी

Sugarcane Juice Risk: गर्मी में गन्ने का जूस पीने से पहले जान लें डॉक्टर की चेतावनी

Sugarcane Juice Risk: तेज धूप और लू के बीच सड़क किनारे मिलने वाला ठंडा गन्ने का जूस लोगों को तुरंत राहत देता है. नींबू, पुदीना और काला नमक मिलते ही इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है, इसलिए गर्मियों में यह सबसे ज्यादा बिकने वाले ड्रिंक्स में शामिल रहता है. लोग इसे हेल्दी और नेचुरल मानकर बेझिझक पी लेते हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि गन्ने का जूस जितना फायदेमंद दिखता है, उतना ही सावधानी से पीना भी जरूरी है.

तुरंत एनर्जी देता है, लेकिन शुगर भी बढ़ाता है

गन्ने के जूस में नेचुरल शुगर काफी ज्यादा होती है. इसे पीते ही शरीर को इंस्टेंट एनर्जी मिलती है और थकान कुछ देर में कम लगने लगती है. यही वजह है कि लोग इसे डिहाइड्रेशन से राहत देने वाला ड्रिंक मानते हैं. लेकिन जूस बनने के दौरान इसमें मौजूद फाइबर लगभग खत्म हो जाता है, जिससे शुगर तेजी से ब्लड में घुलती है. इसका सीधा असर ब्लड शुगर लेवल पर पड़ता है.

डायबिटीज और मोटापे वालों के लिए खतरे की घंटी

डॉक्टरों के मुताबिक डायबिटीज मरीजों को गन्ने का जूस सोच-समझकर पीना चाहिए. इसमें मौजूद हाई शुगर शरीर में अचानक ग्लूकोज बढ़ा सकती है. वहीं जिन लोगों को फैटी लिवर, मोटापा या मेटाबॉलिज्म की दिक्कत है, उनके लिए भी ज्यादा मात्रा नुकसान पहुंचा सकती है. रोजाना या बार-बार पीना वजन बढ़ाने की वजह बन सकता है.

सड़क किनारे जूस में छिपा सबसे बड़ा रिस्क

गन्ने के जूस का असली खतरा सिर्फ शुगर नहीं, बल्कि उसकी सफाई भी है. ज्यादातर जगह यह जूस खुले में बनता है. मशीन पर धूल, गंदा पानी, खराब बर्फ और ठीक से साफ न किए गए गिलास बैक्टीरिया को सीधे शरीर में पहुंचा सकते हैं. इससे पेट संक्रमण, फूड पॉइजनिंग, टाइफाइड, हैजा और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.

किन लोगों को रहना चाहिए ज्यादा सावधान?

डायबिटीज मरीज, छोटे बच्चे, बुजुर्ग, कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग और पेट से जुड़ी समस्या वाले लोगों को बिना जांचे-परखे गन्ने का जूस नहीं पीना चाहिए. अगर पीना भी है तो साफ-सुथरी और हाइजेनिक दुकान से ही लें.

कितना पीना सही है?

डॉक्टरों के अनुसार कभी-कभार एक गिलास तक सीमित मात्रा ठीक है, लेकिन इसे रोजाना हेल्दी ड्रिंक समझकर पीना सही नहीं. स्वाद के साथ सेहत का भी ध्यान रखना जरूरी है, वरना ठंडक देने वाला यही जूस परेशानी का कारण बन सकता है.

यह भी पढ़े 

Mumbai Watermelon Death Case: तरबूज खाया और गई जान! फल खरीदते समय न करें ये गलती