सुप्रीम कोर्ट ने फाँसी पर पलटकर फैसला किया, दोषी को बरी किया

Updated on 2025-07-17T13:08:17+05:30

सुप्रीम कोर्ट ने फाँसी पर पलटकर फैसला किया, दोषी को बरी किया

सुप्रीम कोर्ट ने फाँसी पर पलटकर फैसला किया, दोषी को बरी किया

 सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐसे व्यक्ति को बरी कर दिया है जो पंजाब के फगवाड़ा में 2014 में छह सदस्यों की हत्याकांड में शामिल था और जिसे फाँसी की सजा दी गयी थी। उच्च न्यायालय ने प्रोसिक्यूशन के गवाहों के बयान को असंगत मानकर भरोसा नहीं किया ।

तीन न्यायाधीशों की पीठ ने स्पष्ट किया कि गवाहों की गवाही में गंभीर मूलभूत विसंगति थी और कोर्ट ‘रश अटेम्प्ट’ में सजा सुनाते समय तथ्यों की गहराई से जांच नहीं की गई। संघर्ष मूल्यांकन में पाए गए अंतर को देखते हुए दोषी को दोषमुक्त कर दिया गया 

सत्र अदालत और हाई कोर्ट ने विवाद में “उत्साह का दाग़” लगाया, जब उन्होंने आरोपियों के जीवन को अक्षम्य रूप से जोखिम में डाला। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “जहाँ मानव जीवन की बात हो, मामले को विवादास्पद साबित हुए बिना निष्कर्ष में नहीं जाना चाहिए।”

यह निर्णय भारतीय न्यायालयों की जिम्मेदारी और सावधानी की अनिवार्यता को उजागर करता है। कोर्ट ने साक्ष्य प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है। साथ ही, यह एक चेतावनी भी है कि न्याय प्रणाली में निष्पक्षता न केवल शब्दों में बल्कि कार्यों में भी होनी चाहिए, विशेषकर जब सजा अत्यंत गंभीर हो।