नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं सुशीला कार्की, माना युवाओं का एजेंडा
नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं सुशीला कार्की, माना युवाओं का एजेंडा
नेपाल की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की ने देश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला और जेन-ज़ी प्रदर्शनकारियों की पांच प्रमुख शर्तों को मानने का ऐलान किया।
हाल ही में हुए उग्र प्रदर्शनों के बाद जब सरकार गिर गई, तब कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने उन्हें शपथ दिलाई। प्रदर्शनकारियों ने साफ मांग रखी थी कि नई सरकार भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई करे, बेरोजगारी कम करने के लिए कदम उठाए, सोशल मीडिया बैन न किया जाए, लोकतांत्रिक स्वतंत्रता की गारंटी दी जाए और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। कार्की ने इन सभी मुद्दों पर सहमति जताई।
सुशीला कार्की पहले नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रह चुकी हैं और अब प्रधानमंत्री बनकर उन्होंने इतिहास रच दिया है। उनकी नियुक्ति को देश में स्थिरता और भरोसा लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। जनता, खासकर युवाओं में उनके नेतृत्व को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं कि वह नेपाल को इस संकट से निकालकर नई दिशा देंगी।