पैरों की सूजन से बढ़ रहा फैटी लिवर का खतरा, सावधान

Updated on 2025-10-03T10:55:28+05:30

पैरों की सूजन से बढ़ रहा फैटी लिवर का खतरा, सावधान

पैरों की सूजन से बढ़ रहा फैटी लिवर का खतरा, सावधान

दुनिया भर में लिवरसे जुड़ी बीमारियां तेजी से आम होती जा रही है. खासकर नॉन एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज तेजी से बढ़ने वाले वाली स्वास्थ्य समस्या बन फैटी लिवर और पैरों की सूजन (पेडल एडिमा) अक्सर लाइफस्टाइल और खाने-पीने की आदतों से जुड़ी समस्या है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक पैरों की सूजन फैटी लिवर का शुरुआती और अक्सर नजरअंदाज किया जाने वाला लक्षण हो सकता है। अगर समय पर इलाज न किया जाए तो यह धीरे-धीरे सिरोसिस या लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में बदल सकता है।

फैटी लिवर या हेपेटिक स्टियाटोसिस में लिवर में जरूरत से ज्यादा वसा जमा हो जाती है, जिससे उसकी कार्यक्षमता पर असर पड़ता है। यह आमतौर पर मोटापा, डायबिटीज, खराब खान-पान और शारीरिक निष्क्रियता से जुड़ा होता है। समय रहते ध्यान न देने पर यह NAFLD से बढ़कर NASH, सिरोसिस और कैंसर तक पहुंच सकता है।

पेडल एडिमा कैसे पहचानें?

घर पर ही इसकी जांच की जा सकती है। टखने के ऊपर वाली जगह पर कुछ सेकंड दबाव डालें, अगर हटाने के बाद वहां गड्ढा रह जाए तो यह पीटिंग एडिमा है। इसे केवल थकान या लंबे समय खड़े रहने का असर समझकर नजरअंदाज न करें। यह लिवर की बिगड़ती सेहत का संकेत हो सकता है।

समय पर इलाज जरूरी

एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि फैटी लिवर के लक्षण बढ़ने का इंतजार न करें। शुरुआती पहचान और सही समय पर इलाज से न सिर्फ लिवर की सेहत बचाई जा सकती है बल्कि जानलेवा बीमारियों से भी बचाव संभव है।