काठमांडू में तनाव: राजशाही समर्थकों के विरोध के बाद कर्फ्यू लागू
काठमांडू में तनाव: राजशाही समर्थकों के विरोध के बाद कर्फ्यू लागू
नेपाल की राजधानी काठमांडू में राजशाही समर्थकों द्वारा किए गए हिंसक प्रदर्शनों के बाद हालात बिगड़ गए हैं। प्रदर्शनकारियों की आगजनी और पत्थरबाजी के चलते पुलिस को आंसू गैस और पानी की बौछारें छोड़नी पड़ीं, जिससे कई लोग घायल हुए और कई को गिरफ्तार किया गया।
राजशाही की वापसी की मांग ने बढ़ाया तनाव
नेपाल में राजशाही समर्थकों का प्रदर्शन हिंसक हो गया जब वे सुरक्षा बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस, पानी की बौछारें और खाली फायरिंग का सहारा लिया।
हिंसा में कई घायल, अस्पताल में भर्ती
काठमांडू पोस्ट के अनुसार, झड़पों में कई प्रदर्शनकारी और सुरक्षाकर्मी घायल हो गए हैं। टिंकुने इलाके में एक घर को आग के हवाले कर दिया गया, जिससे हालात और गंभीर हो गए। घायलों का इलाज कांतिपुर अस्पताल में चल रहा है।
राजनीतिक टकराव और गिरफ्तारियां
प्रदर्शन के दौरान कई राजशाही समर्थकों को गिरफ्तार किया गया, जो निषिद्ध क्षेत्र न्यू बानेश्वर की ओर बढ़ रहे थे। इस प्रदर्शन का नेतृत्व राष्ट्रिया प्रजातंत्र पार्टी और अन्य राजशाही समर्थक संगठनों ने किया, जो 2008 में नेपाल के गणराज्य बनने के बाद से राजशाही की बहाली की मांग कर रहे हैं।
पूर्व राजा ज्ञानेंद्र की अपील और विरोधी प्रदर्शन
पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह ने हाल ही में एक वीडियो संदेश जारी कर जनता से राजशाही की बहाली के लिए समर्थन मांगा। वहीं, समाजवादी मोर्चा और अन्य दलों ने गणराज्य के समर्थन में रैली निकालकर इसका विरोध किया।
सख्त सुरक्षा और कर्फ्यू लागू
बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने कर्फ्यू लागू कर दिया है। सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि शहर में शांति और व्यवस्था बनी रहे। नेपाल में यह टकराव गहराते राजनीतिक विभाजन को दर्शाता है, जिससे भविष्य में और भी अस्थिरता की आशंका बनी हुई है।