TET : शिक्षकों की TET अनिवार्यता पर 13 मई को सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला

Updated on 2026-05-01T15:49:14+05:30

TET : शिक्षकों की TET अनिवार्यता पर 13 मई को सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला

TET : शिक्षकों की TET अनिवार्यता पर 13 मई को सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला

कक्षा 1 से 8 तक के शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है. इस मामले में दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर अब खुली अदालत में सुनवाई होगी. इससे हजारों प्रभावित शिक्षकों को राहत की उम्मीद जगी है, क्योंकि अब उनके वकील सीधे अदालत में अपने तर्क रख सकेंगे.

पहले क्या था सुप्रीम कोर्ट का फैसला?

1 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने आदेश दिया था कि जिन शिक्षकों की सेवा में 5 साल से अधिक समय बचा है, उन्हें दो साल के भीतर टीईटी पास करना होगा. वहीं, 5 साल से कम सेवा वालों के लिए प्रोन्नति हेतु टीईटी अनिवार्य किया गया था.

किन शिक्षकों पर पड़ा सबसे ज्यादा असर?

यह आदेश खासतौर पर 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर भारी पड़ा है, यानी RTE एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त टीचर्स पर. इस फैसले के बाद देशभर में पुराने शिक्षकों के बीच चिंता बढ़ गई थी.

क्यों दायर हुई पुनर्विचार याचिकाएं?

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों व शिक्षक संगठनों ने याचिकाएं दायर कर कहा है कि लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों पर अचानक यह शर्त लागू करना व्यावहारिक नहीं है.

खुली सुनवाई क्यों है अहम?

पहले यह सुनवाई चैंबर में होती थी, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने खुली अदालत में सुनवाई का फैसला किया है. इससे सभी पक्ष विस्तार से अपने तर्क रख सकेंगे और मामला और पारदर्शी बनेगा.

शिक्षकों में बढ़ी उम्मीद

13 मई को होने वाली सुनवाई को लेकर शिक्षकों में उम्मीद बढ़ी है. उन्हें लगता है कि अब उनके पक्ष को मजबूती से सुना जाएगा और राहत मिलने की संभावना बढ़ गई है.

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