बाल झड़ना रोके ये आयुर्वेदिक उपाय, रामदेव ने बताए तरीके।

Updated on 2026-02-05T11:54:13+05:30

बाल झड़ना रोके ये आयुर्वेदिक उपाय, रामदेव ने बताए तरीके।

बाल झड़ना रोके ये आयुर्वेदिक उपाय, रामदेव ने बताए तरीके।

आजकल बाल झड़ना एक आम लेकिन परेशान करने वाली समस्या बन चुका है। कम उम्र में ही बाल पतले होना, टूटना और तेजी से गिरना लोगों के आत्मविश्वास पर असर डालता है। कई लोग महंगे शैंपू, तेल और ट्रीटमेंट आजमाते हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं मिल पाता। योग गुरु बाबा रामदेव के अनुसार, बालों का झड़ना केवल बाहरी कारणों से नहीं, बल्कि शरीर के अंदरूनी असंतुलन से जुड़ा होता है। उनका मानना है कि आयुर्वेदिक तरीके अपनाकर घर पर ही इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। 

बाबा रामदेव बताते हैं कि बाल झड़ने का प्रमुख कारण बिगड़ा हुआ खानपान, तनाव, हार्मोनल असंतुलन और शरीर में पोषण की कमी है। सामान्य तौर पर दिन में 50 से 100 बाल गिरना स्वाभाविक माना जाता है, लेकिन इससे ज्यादा बाल गिरना चिंता का विषय हो सकता है। बालों का जीवन चक्र तीन चरणों से गुजरता है— एनाजेन (ग्रोथ फेज), केटाजेन (रुकाव फेज) और टेलोजेन (झड़ने का फेज)। जब शरीर में असंतुलन बढ़ता है, तो टेलोजेन फेज तेज हो जाता है और बाल तेजी से गिरने लगते हैं। 

पुरुषों में DHT हार्मोन बालों की जड़ों को कमजोर करता है, जबकि महिलाओं में मेनोपॉज, पीसीओएस या प्रेगनेंसी के बाद हार्मोनल बदलाव हेयर फॉल का कारण बनते हैं। इसके अलावा आयरन, प्रोटीन और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी भी बालों को कमजोर कर देती है। बाबा रामदेव के अनुसार, अगर लिवर और किडनी सही तरह से काम नहीं कर रहे हों, तो इसका असर बालों और त्वचा दोनों पर दिखाई देता है। 

वे एक सरल अभ्यास की सलाह देते हैं—दोनों हाथों के नाखूनों को आपस में रगड़ना। इसे नियमित करने से स्कैल्प में रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे बालों की जड़ें मजबूत होती हैं। इसके साथ ही सुबह खाली पेट लौकी और आंवले का जूस पीने की सलाह दी जाती है। इस जूस में हरा धनिया, पुदीना और थोड़ा नींबू रस मिलाया जा सकता है। आंवला विटामिन C से भरपूर होता है और बालों की मजबूती के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। 

आंवला का सेवन कई रूपों में किया जा सकता है— जूस, मुरब्बा, कैंडी या पाउडर के रूप में। यह बालों को अंदर से पोषण देता है। बाबा रामदेव यह भी कहते हैं कि संतुलित आहार में हरी सब्जियां, फल, दालें और पर्याप्त पानी शामिल करना जरूरी है। तनाव कम करने के लिए योग और प्राणायाम भी बालों के स्वास्थ्य में मददगार होते हैं। 

उनका मानना है कि केमिकल युक्त उत्पादों से ज्यादा प्राकृतिक उपाय अपनाने चाहिए । नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद और सही डाइट बालों को झड़ने से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आयुर्वेदिक उपायों का असर धीरे-धीरे लेकिन स्थायी रूप से दिखाई देता है, इसलिए धैर्य रखना जरूरी है। 

अगर इन उपायों को नियमित रूप से अपनाया जाए, तो बालों का झड़ना कम किया जा सकता है और जड़ों को फिर से मजबूत बनाया जा सकता है। 

यह भी पढ़े 

बेल पत्र सेहत का खजाना, जानिए उपयोग के पांच आसान तरीके