दशकों तक टीवी पर बैन, जानिए इस देश की वजह

Updated on 2026-02-11T14:02:32+05:30

दशकों तक टीवी पर बैन, जानिए इस देश की वजह

दशकों तक टीवी पर बैन, जानिए इस देश की वजह

आज के समय में टेलीविजन हर घर की जरूरत बन चुका है। मनोरंजन, खबरें, खेल और शिक्षा-सब कुछ टीवी के जरिए आसानी से उपलब्ध है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा देश भी था जिसने लंबे समय तक टेलीविजन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा था? यह देश है भूटान, जिसने आधुनिक तकनीक से दूरी बनाए रखने का फैसला सोच-समझकर लिया था। 

जब दुनिया 20वीं सदी के अंत में तेजी से सैटेलाइट चैनलों और ग्लोबल मीडिया की ओर बढ़ रही थी, तब भूटान ने रास्ता चुना। भूटान की सरकार को डर था कि विदेशी टेलीविजन कंटेंट, खासकर पश्चिमी देशों का मनोरंजन और संस्कृति, उनके पारंपरिक समाज पर गहरा असर डाल सकता है। देश की पहचान बौद्ध संस्कृति, पारंपरिक पहनावे, स्थानीय भाषा और सामुदायिक जीवनशैली से जुड़ी रही है। नेतृत्व को आशंका थी कि बिना किसी नियंत्रण के बाहरी मीडिया के प्रवेश से यह सांस्कृतिक संतुलन बिगड़ सकता है। 

भूटान ने केवल टेलीविजन ही नहीं, बल्कि इंटरनेट पर भी प्रतिबंध लगाया था। 1989 में सरकार ने देशभर में सैटेलाइट डिश और टीवी एंटीना हटाने के आदेश जारी किए। जो भी उपकरण मौजूद थे, उन्हें हटाया गया और देश को वैश्विक प्रसारण नेटवर्क से लगभग पूरी तरह अलग रखा गया। यह कदम तकनीकी कमी की वजह से नहीं, बल्कि सांस्कृतिक संरक्षण की नीति के तहत उठाया गया था। 

भूटान की विकास नीति भी अनोखी रही है। यहां सकल घरेलू उत्पाद (GDP) से ज्यादा 'ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस' यानी राष्ट्रीय खुशहाली को महत्व दिया जाता है। सरकार का मानना था कि तेज़ पश्चिमीकरण से समाज में उपभोक्तावाद बढ़ेगा, पारिवारिक रिश्तों में दूरी आएगी और पारंपरिक मूल्यों पर असर पड़ेगा। इसलिए उन्होंने "मॉडर्नाइजेशन बिना वेस्टर्नाइजेशन" की नीति अपनाई। यानी विकास जरूर हो, लेकिन अपनी जड़ों को छोड़े बिना। 

हालांकि समय के साथ बदलाव जरूरी समझा गया। जून 1999 में भूटान ने आखिरकार टेलीविजन और इंटरनेट पर लगे प्रतिबंध हटा दिए। यह फैसला सावधानीपूर्वक और नियंत्रित तरीके से लिया गया। देश के राजा ने स्वयं इसकी मंजूरी दी। टेलीविजन की शुरुआत भूटान ब्रॉडकास्टिंग सर्विस (BBS) के माध्यम से हुई, जो उस समय देश का पहला राष्ट्रीय प्रसारण चैनल था। 

दिलचस्प बात यह है कि भूटान में पहला बड़ा टेलीविजन प्रसारण किसी स्थानीय कार्यक्रम का नहीं, बल्कि 1998 फीफा वर्ल्ड कप फाइनल का था । इस प्रसारण ने देश में टीवी युग की औपचारिक शुरुआत का प्रतीकात्मक संकेत दिया। धीरे-धीरे इंटरनेट और सैटेलाइट चैनलों का भी प्रवेश हुआ, लेकिन सरकार ने कंटेंट और उपयोग पर निगरानी बनाए रखी। 

भूटान का यह निर्णय आज भी दुनिया में चर्चा का विषय है। जहां अधिकांश देश तकनीक को बिना रोक-टोक अपनाते गए, वहीं भूटान ने पहले उसके सामाजिक प्रभाव को परखा। यह उदाहरण दिखाता है कि तकनीकी प्रगति के साथ सांस्कृतिक संतुलन बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। 

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