UP Board कॉपियां होंगी डिजिटल, 2027 से बड़ा बदलाव लागू
UP Board कॉपियां होंगी डिजिटल, 2027 से बड़ा बदलाव लागू
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) अब परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है. बोर्ड 10वीं और 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को डिजिटल बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है. इस नई व्यवस्था का ट्रायल साल 2026 के कंपार्टमेंट एग्जाम से शुरू किया जाएगा, जबकि इसे पूरी तरह से 2027 से लागू करने की योजना है.
हाल ही में यूपी बोर्ड ने 2026 की मुख्य परीक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन पूरा किया है और अब रिजल्ट जारी करने की तैयारी चल रही है. इसी बीच बोर्ड ने भविष्य की परीक्षाओं को और बेहतर, तेज और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली अपनाने का फैसला लिया है.
इस योजना के तहत सबसे पहले 2026 के कंपार्टमेंट एग्जाम की कॉपियों को डिजिटल तरीके से चेक किया जाएगा. इसके लिए उत्तर पुस्तिकाओं को पहले स्कैन किया जाएगा और फिर उन्हें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाएगा. इसके बाद शिक्षकों को ये कॉपियां ऑनलाइन ही उपलब्ध कराई जाएंगी, जहां वे उन्हें जांचकर अंक भी डिजिटल रूप से ही दर्ज करेंगे.
दरअसल, यूपी बोर्ड पहले ही इस दिशा में छोटे स्तर पर प्रयोग कर चुका है. पांच जिलों में एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत उत्तर पुस्तिकाओं के अंक ऑनलाइन अपलोड किए गए थे. अब बोर्ड इस प्रक्रिया को एक कदम आगे बढ़ाते हुए पूरी मूल्यांकन प्रणाली को डिजिटल करने की तैयारी में है. कंपार्टमेंट एग्जाम को इसी नई व्यवस्था का ट्रायल माना जा रहा है.
बोर्ड का मानना है कि डिजिटल मूल्यांकन से कई समस्याओं का समाधान हो सकेगा. सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कॉपियां जांचने की प्रक्रिया तेज हो जाएगी, जिससे रिजल्ट समय पर जारी किया जा सकेगा. इसके अलावा मैनुअल चेकिंग में होने वाली गलतियों की संभावना भी कम होगी और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी.
इतना ही नहीं, इस नई व्यवस्था से छात्रों को भी फायदा होगा. रिजल्ट में देरी कम होगी और नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत समय पर हो सकेगी. साथ ही, मूल्यांकन प्रक्रिया में निष्पक्षता बढ़ेगी, जिससे छात्रों का भरोसा भी मजबूत होगा.
कुल मिलाकर, यूपी बोर्ड का यह कदम शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है. अगर 2026 के कंपार्टमेंट एग्जाम में यह प्रयोग सफल रहता है, तो 2027 से पूरी तरह डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली लागू कर दी जाएगी, जिससे परीक्षा प्रणाली में एक नई पारदर्शिता और तेजी देखने को मिलेगी.
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