CIA छापे की खबरों पर मचा बवाल, तुलसी गबार्ड ऑफिस बोला झूठ

Updated on 2026-05-14T13:43:11+05:30

CIA छापे की खबरों पर मचा बवाल, तुलसी गबार्ड ऑफिस बोला झूठ

CIA छापे की खबरों पर मचा बवाल, तुलसी गबार्ड ऑफिस बोला झूठ

अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर Tulsi Gabbard के ऑफिस पर CIA की कथित छापेमारी की खबर ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. फॉक्स न्यूज की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि CIA एजेंटों ने गबार्ड के दफ्तर से कई गोपनीय बॉक्स जब्त किए हैं. हालांकि, नेशनल इंटेलिजेंस ऑफिस की प्रेस सचिव ओलिविया कोलमन ने इन दावों को पूरी तरह फर्जी बताया है. उन्होंने साफ कहा कि CIA ने कोई छापा नहीं मारा है.

क्या है पूरा विवाद?

रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि जब्त किए गए बॉक्सों में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति John F. Kennedy की हत्या और CIA के विवादित “माइंड कंट्रोल प्रोग्राम” MK-Ultra से जुड़ी फाइलें थीं. कहा गया कि तुलसी गबार्ड इन दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की तैयारी कर रही थीं. इसी बीच कथित तौर पर CIA ने दखल देकर फाइलें अपने कब्जे में ले लीं.

सुनवाई में सामने आया दावा

फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला अमेरिकी सीनेट की होमलैंड सिक्योरिटी कमेटी की सुनवाई के दौरान सामने आया. व्हिसलब्लोअर जेम्स एर्डमैन III ने आरोप लगाया कि संवेदनशील दस्तावेज सार्वजनिक होने से पहले ही उन्हें रोक लिया गया. इस दावे के बाद सोशल मीडिया पर राजनीतिक बहस तेज हो गई.

24 घंटे का अल्टीमेटम

अमेरिकी सांसद Anna Paulina Luna ने भी मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर CIA ने कथित तौर पर ली गई फाइलें वापस नहीं कीं तो एजेंसी को समन भेजा जाएगा. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि CIA के पास सिर्फ 24 घंटे का समय है.

क्या था MK-Ultra प्रोग्राम?

MK-Ultra को कोल्ड वॉर दौर का CIA का सबसे विवादित प्रोजेक्ट माना जाता है. आरोप थे कि इसमें लोगों के दिमाग को कंट्रोल करने के लिए ड्रग्स, मानसिक यातना और खतरनाक प्रयोग किए गए थे. CIA पहले दावा कर चुकी है कि इस प्रोग्राम से जुड़ी ज्यादातर फाइलें नष्ट या सार्वजनिक की जा चुकी हैं.

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