US-China Trade War: पहले अमेरिका पर 125% टैरिफ लगाया, अब यूरोपीय संघ को खुश करने की कोशिश... आखिर जिनपिंग क्या सोच रहे हैं?

Updated on 2025-04-12T11:19:29+05:30

US-China Trade War: पहले अमेरिका पर 125% टैरिफ लगाया, अब यूरोपीय संघ को खुश करने की कोशिश... आखिर जिनपिंग क्या सोच रहे हैं?

US-China Trade War: पहले अमेरिका पर 125% टैरिफ लगाया, अब यूरोपीय संघ को खुश करने की कोशिश... आखिर जिनपिंग क्या सोच रहे हैं?

अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ (टैक्स) की लड़ाई थमने का नाम नहीं ले रही है। कभी अमेरिका चीन पर भारी टैरिफ लगा देता है, तो कभी चीन पलटवार करता है। अप्रैल की शुरुआत से यह खींचतान चल रही है। अमेरिका ने जब चीन पर 145% टैरिफ लगाया, तो जवाब में चीन ने भी 125% टैरिफ लगा दिया।

चीन अब किसी हाल में पीछे हटना नहीं चाहता और नई रणनीतियां बना रहा है। इसी के तहत उसने यूरोपीय संघ से मदद की अपील की है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने यूरोपीय देशों से कहा है कि अमेरिका की 'एकतरफा दबाव' नीति का मिलकर विरोध करना चाहिए। चीन के वित्त मंत्रालय ने साफ कहा कि अगर अमेरिका नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है, तो चीन भी पूरी ताकत से जवाब देगा।

शी जिनपिंग ने क्या कहा?
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज के साथ बैठक में शी जिनपिंग ने कहा कि चीन और यूरोप को मिलकर अमेरिका के दबाव का मुकाबला करना चाहिए। उन्होंने एकतरफा धमकियों के खिलाफ साथ खड़े होने की बात कही।

स्पेन का जवाब?
स्पेन के प्रधानमंत्री ने माना कि यूरोप का चीन के साथ व्यापार घाटा है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि इससे सहयोग नहीं रुकना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यापार तनाव के बावजूद चीन और यूरोप को अपने संबंध बेहतर करने चाहिए।

अमेरिका की नाराजगी
अमेरिका इस पूरे घटनाक्रम से नाराज़ है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपने हितों की रक्षा कर रहा है। अमेरिकी अधिकारियों ने चेतावनी दी कि चीन ने अगर बदला लिया, तो उसे नुकसान उठाना पड़ेगा। लेकिन चीन ने फिर दोहराया कि वह आखिरी दम तक लड़ेगा और अमेरिका के खिलाफ दूसरे देशों को साथ लाने की कोशिश करेगा।

यूरोपीय नेताओं से चीन की बातचीत
चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन समेत कई नेताओं से मिलकर रिश्ते मजबूत करने में लगे हैं। इसका मकसद यूरोपीय संघ के साथ व्यापार और निवेश को बढ़ाना है।

एशियाई देशों से भी नजदीकी
चीन सिर्फ यूरोप ही नहीं, एशियाई देशों से भी अपने संबंध बढ़ा रहा है। विदेश मंत्री वांग यी ने दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ गठबंधन मजबूत करने की कोशिश की है। साथ ही चीन ने यह भी भरोसा दिया है कि वह किसी भी अनिश्चित स्थिति से निपटने के लिए तैयार है और जरूरत पड़ने पर नई नीतियां लागू करेगा