US-ईरान तनाव से टूरिज्म पर असर, विदेशी पर्यटकों की संख्या घटी

Updated on 2026-04-17T17:11:44+05:30

US-ईरान तनाव से टूरिज्म पर असर, विदेशी पर्यटकों की संख्या घटी

US-ईरान तनाव से टूरिज्म पर असर, विदेशी पर्यटकों की संख्या घटी

War Impact on Tourism Sector: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब भारत की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखने लगा है. PHDCCI की ताजा रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि टूरिज्म, एविएशन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है. विदेशी पर्यटकों की संख्या में 15-20 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है, जबकि एविएशन इंडस्ट्री को करीब 18,000 करोड़ रुपये का झटका लगा है.

रेस्तरां इंडस्ट्री पर सबसे बड़ा संकट

 रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा असर रेस्तरां कारोबार पर पड़ा है. करीब 10 प्रतिशत रेस्तरां बंद हो चुके हैं और हर महीने कारोबार में तेज गिरावट दर्ज हो रही है, जिससे इस सेक्टर की हालत चिंताजनक बनी हुई है.

टूरिज्म सेक्टर की रफ्तार थमी

 भारत में टूरिज्म और होटल इंडस्ट्री का जीडीपी में करीब 8 प्रतिशत योगदान है और यह 4 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार देती है. 2025 में तेज रिकवरी के बाद 2026 में युद्ध ने इस सेक्टर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है.

एविएशन सेक्टर पर गहरा असर

 एयरलाइंस कंपनियों पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला है. उड़ानें रद्द होने, रूट बदलने और यात्रा समय 2-4 घंटे बढ़ने से लागत में इजाफा हुआ है. ईंधन खर्च बढ़ने से एयरलाइंस का आर्थिक संतुलन बिगड़ गया है.

विदेशी पर्यटक हुए सतर्क

 भू-राजनीतिक तनाव के चलते विदेशी पर्यटक भारत आने से बच रहे हैं. वहीं भारतीय यात्री भी अब लंबी दूरी की बजाय थाईलैंड, सिंगापुर और वियतनाम जैसे नजदीकी देशों को प्राथमिकता दे रहे हैं.

घरेलू पर्यटन बना सहारा

 ऐसे मुश्किल दौर में घरेलू पर्यटक ही होटल और टूरिज्म सेक्टर को संभाल रहे हैं. हालांकि विदेशी मेहमानों की कमी और बढ़ती लागत के कारण मुनाफे पर दबाव बना हुआ है.

सरकार के लिए अहम सुझाव

 रिपोर्ट में सरकार को टैक्स में राहत, सस्ते लोन, नए एयर रूट और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने जैसे कदम उठाने की सलाह दी गई है, ताकि इस संकट से उबरकर सेक्टर फिर से पटरी पर आ सके.

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