ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्लाह खामेनेई को बंकर में स्थानांतरित किए जाने का वीडियो वायरल, युद्ध की बढ़ती आशंका

Updated on 2025-06-20T10:15:44+05:30

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्लाह खामेनेई को बंकर में स्थानांतरित किए जाने का वीडियो वायरल, युद्ध की बढ़ती आशंका

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्लाह खामेनेई को बंकर में स्थानांतरित किए जाने का वीडियो वायरल, युद्ध की बढ़ती आशंका

ईरानी समाचार चैनलों और सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसमें अयातोल्लाह अली खामेनेई और उनका परिवार बंकर में दिखाई दे रहा है। इस खबर के अनुसार, उनसे मीडिया मुलाकात भी इस ठिकाने से की गई थी  ।

क्या है सच?

बंकर शिफ्टिंग: ईरान इंटरनेशनल और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स बताते हैं कि खामेनेई को 13 जून को इस हमले के बाद तेहरान के उत्तरी इलाके लविजन में स्थित भूमिगत बंकर में ले जाया गया  ।

खबरों के अनुसार, उनके परिवार—सहित बेटे मोज़तबा—भी इस बंकर में मौजूद हैं। उनके अन्य बेटे मसूद और मुस्तफा फिलहाल बंकर से बाहर बताया जा रहा है  ।

वजह: इजरायली हमले और तनाव इजरायली वायु हमलों ने ईरानी सैन्य और न्यूक्लियर ढांचे को निशाना बनाया। इसमें बंकर शिफ्टिंग को सुरक्षा के मद्देनज़र उठाया गया कदम माना जा रहा है  । 

इजराइल की ओर से माज़दाद चेतावनी दी गई कि यह उनके आखिरी मौक़ा हो सकता है—अगर ईरान अपना यूरेनियम समृद्धिकरण कार्यक्रम बंद नहीं करता—जिसके चलते खामेनेई को बचाने की रणनीति अपनाई गई  ।

अमेरिका ने रोका खामेनेई को निशाना बनाने की योजना खबरों के अनुसार, इजराइल ने उन्हें मारने का विकल्प चुना परन्तु अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प ने ऐसा करने से रोक दिया था। ह्वाइट हाउस ने बताया कि अमेरिका को उनकी स्थिति का पता था, लेकिन अभी कोई हमला नहीं होगा  ।

खामेनेई का रुख और शासन स्थिति 86 वर्षीय खामेनेई ने अमेरिका की "बिना शर्त आत्मसमर्पण" की मांग का खंडन करते हुए कहा कि ईरान कभी झुकेगा नहीं  ।

विश्लेषकों का दावा है कि बंकर में जाने के बावजूद उनका नियंत्रण सीमित हो गया है, और सेना एवं इंटेलिजेंस नेताओं ने वास्तविक रणनीतिक निर्णय लेने शुरू कर दिए हैं  ।

खामेनेई का भूमिगत बंकर में रहना और अमेरिका द्वारा इजराइल को मारने से रोकना, यह संकेत देता है कि ईरान-इजराइल युद्ध स्थितियाँ अब नई, अत्यधिक जोखिमभरी मोड़ पर पहुंच चुकी हैं। अमेरिका और अन्य वैश्विक हितधारक कूटनीतिक दबाव बनाए हुए हैं, जबकि ईरानी नेतृत्व अपने टैक्टिकल निर्णयों में युद्ध-कुशलता बनाए रखने की जद्दोजहद में है।