राज्यसभा चुनाव के लिए आज वोटिंग, बिहार-ओडिशा-हरियाणा में कड़ा मुकाबला, जानें नंबर गेम

Updated on 2026-03-16T11:35:43+05:30

राज्यसभा चुनाव के लिए आज वोटिंग, बिहार-ओडिशा-हरियाणा में कड़ा मुकाबला, जानें नंबर गेम

राज्यसभा चुनाव के लिए आज वोटिंग, बिहार-ओडिशा-हरियाणा में कड़ा मुकाबला, जानें नंबर गेम

राज्यसभा चुनाव में 7 राज्यों से 26 उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए हैं। इनमें शरद पवार, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, अभिषेक मनु सिंघवी, थंबी दुरई, विनोद तावड़े और बाबुल सुप्रियो जैसे कई बड़े नेता शामिल हैं। वहीं बिहार, ओडिशा और हरियाणा में सीटों को लेकर कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। इन सीटों पर आज मतदान होगा और शाम तक नतीजे आने की उम्मीद है।

बिहार में मुकाबला

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जेडीयू के रामनाथ ठाकुर, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन और बीजेपी नेता शिवम कुमार की जीत लगभग तय मानी जा रही है। पांचवीं सीट पर एनडीए के उपेंद्र कुशवाहा और महागठबंधन के एडी सिंह के बीच सीधा मुकाबला है। महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं, जबकि जीत के लिए 41 वोटों की जरूरत है। एआईएमआईएम के 5 विधायकों ने आरजेडी को समर्थन देने का ऐलान किया है। वहीं एनडीए का दावा है कि उनके उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा जीत हासिल करेंगे।

ओडिशा में भी कड़ा मुकाबला

ओडिशा में बीजेपी और बीजद को दो-दो सीटें मिलने की संभावना है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल, सुजीत कुमार और बीजद नेता संतृप्त मिश्रा निर्विरोध चुने जा सकते हैं। चौथी सीट के लिए मुकाबला बना हुआ है। 147 सदस्यीय विधानसभा में एक सीट जीतने के लिए 30 वोटों की जरूरत होती है। बीजेपी के पास 79 विधायक हैं और 3 निर्दलीय विधायकों के समर्थन के साथ उसकी संख्या 82 हो जाती है। ऐसे में बीजेपी के दो उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

हरियाणा में बदले समीकरण

हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी के पास 48 सीटें हैं। आईएनएलडी के 2 और 3 निर्दलीय विधायकों के समर्थन से उसकी संख्या 53 हो जाती है। एक सीट जीतने के लिए 31 वोटों की जरूरत है और बीजेपी उम्मीदवार संजय भाटिया की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं और उसके उम्मीदवार करमवीर बोध की जीत भी आसान मानी जा रही है। हालांकि बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नंदाल के मैदान में आने से मुकाबला रोचक हो गया है। नंदाल को जीत के लिए 9 अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी, जिसके लिए कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग अहम मानी जा रही है। इसी संभावना को देखते हुए कांग्रेस ने अपने 31 विधायकों को हिमाचल प्रदेश भेज दिया है।

यह भी पढ़े 

सोनम वांगचुक की रिहाई का फैसला, लद्दाख हिंसा मामले में केंद्र सरकार का बड़ा कदम