क्या बिना बताए सरसंघचालक बनाए गए थे डॉ. हेडगेवार
क्या बिना बताए सरसंघचालक बनाए गए थे डॉ. हेडगेवार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के इतिहास में कई दिलचस्प किस्से दर्ज हैं। इनमें से एक वाकया डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार से जुड़ा है, जब उन्हें बिना बताए ही संगठन का पहला सरसंघचालक बना दिया गया था।
कहा जाता है कि संघ की स्थापना के शुरुआती दिनों में हेडगेवार संगठन के काम में व्यस्त रहते थे। उनके साथी चाहते थे कि नेतृत्व की बागडोर आधिकारिक रूप से उन्हीं के हाथ में हो। इसी सोच के साथ एक बैठक हुई और सर्वसम्मति से उन्हें सरसंघचालक चुन लिया गया। दिलचस्प बात यह रही कि हेडगेवार को इस फैसले की जानकारी बाद में दी गई।
इस घटना ने न सिर्फ हेडगेवार के नेतृत्व की स्वीकृति को दर्शाया, बल्कि यह भी दिखाया कि संघ की नींव कितनी गहरी सोच और विश्वास पर रखी गई थी। आगे चलकर उनके नेतृत्व ने संगठन को नई दिशा दी और RSS ने आने वाले दशकों में बड़ा विस्तार देखा।
यह प्रसंग आज भी याद दिलाता है कि संघ का सफर कई अनकही कहानियों और अप्रत्याशित घटनाओं से भरा रहा है, जिनमें हेडगेवार का योगदान सबसे अहम था।