क्या कांग्रेस को मुस्लिम लीग के बराबर मानना थी ऐतिहासिक गलती?
क्या कांग्रेस को मुस्लिम लीग के बराबर मानना थी ऐतिहासिक गलती?
प्रसिद्ध इतिहासकार इरफान हबीब ने कहा है कि कम्युनिस्टों ने आज़ादी की लड़ाई के दौरान एक बड़ी गलती की थी। उनके अनुसार, कांग्रेस और मुस्लिम लीग को एक जैसा मानना ऐतिहासिक रूप से गलत था।
इरफान हबीब का कहना है कि कांग्रेस उस समय आज़ादी की लड़ाई का नेतृत्व कर रही थी, जबकि मुस्लिम लीग का रुख पूरी तरह अलग था। उन्होंने याद दिलाया कि 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में कांग्रेस ने निर्णायक भूमिका निभाई, जबकि मुस्लिम लीग ने इसका विरोध किया था।
हबीब ने यह भी कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी ने उस दौर में कांग्रेस को आलोचनात्मक नज़र से देखा और दोनों दलों को एक तराजू में तौला, जो सही नहीं था। उनका मानना है कि आज़ादी की लड़ाई की वास्तविकता को समझने के लिए इतिहास को संतुलित दृष्टिकोण से देखना ज़रूरी है।
इतिहासकार का यह बयान आज के राजनीतिक और वैचारिक विमर्श में भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह स्वतंत्रता संग्राम की जटिलताओं को फिर से सामने लाता है।