संन्यास वापस लेने पर असली नियम क्या कहते हैं…

Updated on 2025-12-01T16:48:34+05:30

संन्यास वापस लेने पर असली नियम क्या कहते हैं…

संन्यास वापस लेने पर असली नियम क्या कहते हैं…

क्रिकेट में खिलाड़ी कई बार अपने फैसलों से सबको चौंका देते हैं। खासकर तब जब कोई खिलाड़ी संन्यास लेकर दोबारा मैदान में लौटने की इच्छा जताए। अक्सर यह सवाल उठता है कि कोई क्रिकेटर आखिर कितनी बार रिटायरमेंट वापस ले सकता है और क्या इसके लिए कोई तय नियम मौजूद है। 

असल में इंटरनेशनल क्रिकेट में ऐसा कोई कठोर नियम नहीं है जो किसी खिलाड़ी को संन्यास वापस लेने से रोकता हो। रिटायरमेंट खिलाड़ी का व्यक्तिगत फैसला माना जाता है। अगर कोई खिलाड़ी फिटनेस, फॉर्म या टीम की जरूरत के आधार पर वापसी करना चाहता है, तो वह ऐसा कर सकता है। उसकी वापसी का अंतिम फैसला उस देश के क्रिकेट बोर्ड पर निर्भर होता है, चाहे बीसीसीआई हो, पीसीबी हो या कोई और बोर्ड।

दुनिया भर में कई उदाहरण हैं, इमरान खान, शाहिद अफरीदी, जयसूर्या जैसे खिलाड़ी एक से ज्यादा बार रिटायरमेंट लेकर लौटे। इसका मतलब साफ है कि अगर बोर्ड को लगता है कि खिलाड़ी टीम में योगदान दे सकता है, तो उसे वापसी की अनुमति मिल सकती है।

हाल ही में चर्चा इस बात की भी हुई कि क्या विराट कोहली कभी टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेकर फिर वापसी करना चाहेंगे। हालांकि कोहली ने ऐसा कोई संकेत नहीं दिया, लेकिन इस बहस ने फिर याद दिलाया कि क्रिकेट में रिटायरमेंट कोई बंद दरवाज़ा नहीं है। खिलाड़ी चाहे तो कई बार वापसी कर सकता है, बशर्ते बोर्ड उसे हरी झंडी दे।

कुल मिलाकर खेल का नियम सीधा है, रिटायरमेंट एक घोषणा है, कानून नहीं। इसलिए अगर खिलाड़ी और बोर्ड दोनों सहमत हों, तो मैदान के दरवाज़े हमेशा खुले रहते हैं।