एक दिन में इंडिगो को आखिर क्या हो गया…
एक दिन में इंडिगो को आखिर क्या हो गया…
देश के कई बड़े एयरपोर्ट पर अचानक उड़ानें रद्द होने लगीं, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। रिफंड और री-शेड्यूलिंग ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।
शनिवार का दिन इंडिगो यात्रियों के लिए किसी झटके से कम नहीं रहा। दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु समेत 11 एयरपोर्ट पर एयरलाइन ने करीब 570 उड़ानें रद्द कर दीं। कई फ्लाइट्स का समय बदला गया, और इसकी जानकारी यात्रियों को देर से मिलने के कारण टर्मिनलों पर भारी भीड़ लग गई। सुबह से ही लोग लाइन में खड़े थे, लेकिन फ्लाइट स्टेटस लगातार बदलता रहा, जिससे कई परिवार, ऑफिस यात्रियों और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिंग फ्लाइट वाले लोग मुश्किल में पड़ गए।
सोशल मीडिया पर दर्जनों यात्रियों ने शिकायतें पोस्ट करते हुए यह बताया कि एयरलाइन की ओर से न तो साफ जानकारी मिली और न ही रिफंड की प्रक्रिया आसानी से पूरी हो रही है। कई यात्रियों ने कहा कि ऐप पर दिख रहा स्टेटस और एयरपोर्ट की जानकारी अलग-अलग थी, जिससे भ्रम और बढ़ गया।
इस भारी कैंसिलेशन की वजह को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। शुरुआती रिपोर्ट्स में क्रू की कमी और ऑपरेशनल गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं। हालांकि इंडिगो ने अपने बयान में केवल इतना कहा कि वे यात्रियों की री-बुकिंग और रिफंड में मदद कर रहे हैं और स्थिति को जल्द सामान्य करने की कोशिश जारी है। उधर DGCA ने एयरलाइन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और पूरे मामले की समीक्षा शुरू कर दी है।
सबसे अधिक परेशानी उन यात्रियों को हुई जो किसी जरूरी काम या मेडिकल इमरजेंसी के लिए यात्रा कर रहे थे। कई लोग घंटों तक एयरपोर्ट पर फंसे रहे, कुछ को दूसरी फ्लाइट मिली भी तो कई घंटों बाद। वहीं जो लोग शहर से बाहर से आए थे, उन्हें होटल, कैब और दूसरी व्यवस्थाओं में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा।
एयरपोर्ट स्टाफ का कहना है कि इतनी अधिक संख्या में उड़ानें एक साथ रद्द होना असामान्य है और इसका असर पूरे दिन की शेड्यूलिंग पर पड़ा है। कई एयरपोर्ट पर स्थिति अब भी सामान्य नहीं है और रात तक भीड़ बनी रहने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल इंडिगो ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक करें। लेकिन इतने बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द होने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिर एक दिन में ऐसी क्या वजह बनी कि देश की सबसे व्यस्त एयरलाइन की व्यवस्था ही डगमगा गई।