गेस्ट रूम के लिए सही दिशा क्या है? वास्तु के चौंकाने वाले टिप्स

Updated on 2026-02-12T10:28:31+05:30

गेस्ट रूम के लिए सही दिशा क्या है? वास्तु के चौंकाने वाले टिप्स

गेस्ट रूम के लिए सही दिशा क्या है? वास्तु के चौंकाने वाले टिप्स

कैसा हो आपके घर का अतिथि कक्ष?किस प्रकार का वास्तु आपके अतिथि कक्ष को और बेहतर बना सकता है? चलिए जानते हैं आचार्या उमिका जी के साथ।

वास्तु शास्त्र के अनुसार, गेस्ट रूम (अतिथि कक्ष) के लिए सबसे उत्तम स्थान घर का उत्तर-पश्चिम (वायव्य कोण) या दक्षिण-पूर्व कोना माना जाता है, जो सकारात्मक ऊर्जा लाता है। बेड दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखें और मेहमानों को सोते समय सिर दक्षिण या पूर्व दिशा में रखना चाहिए। कमरा साफ, हवादार और हल्के रंगों (सफेद, क्रीम) का होना चाहिए। 

गेस्ट रूम के लिए प्रमुख वास्तु टिप्स:

दिशा: अतिथि कक्ष के लिए उत्तर-पश्चिम (North-West) दिशा सर्वश्रेष्ठ है। दूसरा विकल्प दक्षिण-पूर्व (South-East) है। दक्षिण-पश्चिम दिशा (South-West) में गेस्ट रूम न बनाएं।

बेड की स्थिति: बिस्तर (Bed) को कमरे के दक्षिण या पश्चिम भाग में रखना शुभ होता है। सोते समय अतिथि का सिर दक्षिण या पूर्व दिशा में होना चाहिए।

फर्नीचर और अलमारी: अलमारी, भारी फर्नीचर, या ड्रेसिंग टेबल को कमरे के दक्षिण, पश्चिम या नैऋत्य दिशा (South-West) में रखें।

रंग (Color): कमरा शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए हल्के और सौम्य रंगों जैसे सफेद, क्रीम, हल्का पीला, या पेस्टल रंगों का उपयोग करें। गहरे रंगों से बचें।

दरवाजा और खिड़की: कमरे का मुख्य दरवाजा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। खिड़कियां उत्तर या पूर्व की दीवार पर बनाना फायदेमंद है।

टीवी और इलेक्ट्रॉनिक आइटम: टेलीविजन और अन्य बिजली के उपकरण दक्षिण-पूर्व (South-East) कोने में रखें।

बाथरूम की व्यवस्था: गेस्ट रूम के साथ अटैच बाथरूम उत्तर-पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम में हो सकता है, लेकिन दरवाजा बेड के सामने नहीं होना चाहिए।

सजावट: कमरे में सकारात्मकता के लिए सुंदर दृश्य, फूल या पेंटिंग लगाएं। कभी भी सूखे फूल या हिंसक दृश्यों का प्रयोग न करें। 

उपरोक्त सभी बातों का ध्यान रखकर आप अपने अतिथि कक्ष (गेस्ट रूम)को और भी बेहतर कर सकते हैं।

ऊर्जा नमन 

उमिका शर्मा

न्यूमरोलॉजी वास्तु एक्सपर्ट 

एनर्जी हीलर