ईरान-अमेरिका सीजफायर का सच क्या? होर्मुज खुला या नहीं, जानें हर अपडेट

Updated on 2026-04-08T11:22:04+05:30

ईरान-अमेरिका सीजफायर का सच क्या? होर्मुज खुला या नहीं, जानें हर अपडेट

ईरान-अमेरिका सीजफायर का सच क्या? होर्मुज खुला या नहीं, जानें हर अपडेट

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच दो हफ्तों के लिए सीजफायर (संघर्षविराम) का ऐलान किया गया है। दोनों देशों की सहमति से आई इस अस्थायी शांति ने दुनिया को फिलहाल राहत जरूर दी है, लेकिन इसके साथ कई बड़े सवाल भी खड़े हो गए हैं कि आखिर यह समझौता कैसे हुआ और आगे क्या होगा।

दरअसल, 28 फरवरी से अमेरिका और ईरान के बीच हालात लगातार बिगड़ रहे थे और मामला सीधे सैन्य टकराव तक पहुंच गया था। इसी दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए होर्मुज स्ट्रेट खोलने की डेडलाइन दी थी।

अब दोनों देशों ने बातचीत के बाद दो हफ्तों के लिए संघर्षविराम पर सहमति जताई है। इस दौरान अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई रोकेगा और ईरान से भी तनाव कम करने के कदम उठाने की उम्मीद की जा रही है। हालांकि यह सीजफायर स्थायी नहीं है और इसे बातचीत का मौका माना जा रहा है।

ईरान की शर्तें (पॉइंट्स में)

सीजफायर के लिए ईरान ने अमेरिका के सामने कई अहम शर्तें रखी हैं:

  1. अमेरिका तुरंत सभी हमले बंद करे
  2. भविष्य में हमला न करने की गारंटी दे
  3. सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं
  4. ईरान के परमाणु कार्यक्रम को मान्यता मिले
  5. विदेशों में जब्त संपत्तियां वापस की जाएं
  6. अमेरिकी सैनिकों की मध्य-पूर्व से वापसी हो
  7. होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का नियंत्रण बना रहे
  8. जहाजों से टोल वसूलने की अनुमति मिले
  9. पूरे क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई पूरी तरह बंद हो
  10. युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई की जाए

इन शर्तों को अमेरिका ने बातचीत का आधार माना है, लेकिन अभी अंतिम समझौता नहीं हुआ है।

किसने कराया सीजफायर?

सीजफायर को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इसका श्रेय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को दिया है। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि चीन ने भी इस समझौते में अहम भूमिका निभाई है।

इजराइल का क्या रुख है?

इस पूरे मामले में इजराइल का रुख पूरी तरह साफ नहीं है।

कहा जा रहा है कि बातचीत के दौरान इजराइल ने हमले रोकने की सहमति दी थी, लेकिन कुछ जगहों पर उसकी कार्रवाई जारी रहने की खबरें भी सामने आई हैं।

होर्मुज स्ट्रेट क्यों है अहम?

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है।

इसके जरिए बड़ी मात्रा में तेल सप्लाई होती है

इसके बंद होने से कई देशों में ईंधन संकट बढ़ गया

अब इसे खोलने को लेकर वैश्विक दबाव है

आगे क्या होगा?

अब सबकी नजर आने वाले दिनों की बातचीत पर टिकी है।

संभावना है कि दोनों देशों के बीच जल्द ही फिर बातचीत होगी और स्थायी समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी। अगर बातचीत सफल नहीं होती, तो तनाव फिर बढ़ सकता है।

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