भारत ओमान व्यापार डील क्या राज खोल रही है

Updated on 2025-12-19T15:39:17+05:30

भारत ओमान व्यापार डील क्या राज खोल रही है

भारत ओमान व्यापार डील क्या राज खोल रही है

भारत और ओमान ने एक नया व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) साइन किया है, जिसके तहत भारत से ओमान को निर्यात होने वाले लगभग 99 प्रतिशत सामान पर शुल्क पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

भारत-ओमान CEPA समझौता मस्कट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ओमान के सुल्तान हयथम बिन तारिक की मौजूदगी में साइन हुआ है। इसके तहत ओमान ने लगभग 98.08 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शून्य शुल्क देने का वादा किया है, जो भारत के कुल निर्यात का करीब 99.38 प्रतिशत कवर करता है। इसका मतलब यह है कि टेक्सटाइल, जूते-चमड़ा, रत्न-आभूषण, कृषि उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान, फार्मा, मेडिकल डिवाइसेज और ऑटोमोबाइल जैसे प्रमुख क्षेत्र अब ओमान में शुल्क मुक्त बाजार पा सकते हैं।

यह डील भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है क्योंकि अब उन पर करीब $4 बिलियन से अधिक के निर्यात पर शुल्क खत्म हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अगले दो-तीन साल में भारत के निर्यात में लगभग 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

सीईपीए का लक्ष्य सिर्फ ड्यूटी फ्री पहुंच देना नहीं है, बल्कि इससे सेवाओं के क्षेत्र में भी अवसर मिलेंगे। ओमान ने 127 सेवाक्षेत्रों में प्रवेश और पेशेवरों की मोबाइलिटी बढ़ाने का वादा किया है, जिससे भारतीय कंपनियों और पेशेवरों को वहां काम करने और विस्तार करने में मदद मिलेगी।

डील के तहत कुछ संवेदनशील उत्पादों को अलग रखा गया है। उदाहरण के लिए, डेयरी, चाय-कॉफी, कुछ कृषि उत्पाद, सोना-चांदी और कुछ श्रम-गहन चीजों पर फिलहाल पूरी छूट नहीं दी जाएगी। इसके बावजूद अधिकांश प्रमुख निर्यात वस्तुएं शुल्क मुक्त होने से भारतीय व्यापारियों की प्रतिस्पर्धा मजबूत होगी।

इस समझौते से भारत-ओमान के बीच व्यापार को नई दिशा मिलेगी और भारतीय उत्पादों, विशेषकर छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए ओमान के बाजार में आसानी से पहुंच मिलेगी। यह कदम भारत की मध्य पूर्व में आर्थिक उपस्थिति को और मजबूत करने का संकेत भी देता है।