किडनी की समस्या पता करने वाला कौन सा टेस्ट है और इसकी कीमत कितनी आती है?
किडनी की समस्या पता करने वाला कौन सा टेस्ट है और इसकी कीमत कितनी आती है?
किडनी की बीमारी भारत में तेजी से बढ़ रही है। इसका कारण डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, गलत जीवनशैली और जेनेटिक वजहें हैं। जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो थकान, सूजन, पेशाब में खून और बार-बार पेशाब आने जैसी परेशानी होती है। इसलिए समय पर किडनी की जांच बहुत जरूरी है।
किडनी की जांच के लिए सबसे जरूरी टेस्ट होता है किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) जिसे रीनल फंक्शन टेस्ट (RFT) भी कहते हैं। इसमें खून और पेशाब की जांच से किडनी की सेहत देखी जाती है।
इस टेस्ट में कुछ मुख्य चीजें देखी जाती हैं:
- सीरम क्रिएटिनिन: मांसपेशियों से बनने वाला वेस्ट प्रोडक्ट, जो किडनी खराब होने पर बढ़ जाता है।
- ब्लड यूरिया नाइट्रोजन (BUN): प्रोटीन टूटने से बनता है, बढ़ने पर किडनी खराबी या डिहाइड्रेशन दिखाता है।
- यूरिक एसिड: किडनी से निकलने वाला पदार्थ, बढ़ने पर किडनी खराबी या गाउट हो सकता है।
- इलेक्ट्रोलाइट्स: शरीर में पानी और मिनरल्स का संतुलन, खराब होने पर किडनी में दिक्कत हो सकती है।
- ग्लोमेरुलर फिल्ट्रेशन रेट (eGFR): बताता है कि किडनी कितनी अच्छी तरह खून छान रही है।
भारत के अलग-अलग शहरों में KFT टेस्ट की कीमत अलग होती है। दिल्ली-एनसीआर में यह 349 से 780 रुपये, मुंबई-पुणे में 375 से 1250 रुपये, लखनऊ-कानपुर में 300 से 1000 रुपये, जयपुर में 400 से 900 रुपये और पटना में 300 से 700 रुपये तक होती है।
KFT टेस्ट से पहले आमतौर पर भूखे रहने की जरूरत नहीं होती, लेकिन कुछ डॉक्टर 8-12 घंटे का उपवास करने को कहते हैं। टेस्ट से पहले खूब पानी पीना चाहिए। अगर आप कोई दवा ले रहे हैं तो डॉक्टर को बताना जरूरी है।
ध्यान दें: यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। कोई भी कदम उठाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।