WHO Hantavirus Alert: कोरोना से ज्यादा खतरनाक हंता वायरस? WHO अलर्ट से बढ़ी दहशत

Updated on 2026-05-09T12:47:21+05:30

WHO Hantavirus Alert: कोरोना से ज्यादा खतरनाक हंता वायरस? WHO अलर्ट से बढ़ी दहशत

WHO Hantavirus Alert: कोरोना से ज्यादा खतरनाक हंता वायरस? WHO अलर्ट से बढ़ी दहशत

How Dangerous Is Hantavirus Compared To Covid: कोरोना के बाद अब हंता वायरस को लेकर दुनिया भर में डर और चर्चा तेज हो गई है. लग्जरी क्रूज शिप MV Hondius पर सामने आए मामलों ने स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. जहाज पर अब तक आठ लोग संदिग्ध पाए गए हैं, जिनमें पांच में हंता वायरस की पुष्टि हुई है जबकि तीन लोगों की मौत हो चुकी है. इसके बाद WHO ने कई देशों को अलर्ट जारी कर दिया है और दुनिया भर की हेल्थ एजेंसियां इस मामले पर करीबी नजर बनाए हुए हैं.

क्या कोरोना जैसी नई महामारी का खतरा?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या हंता वायरस भी कोरोना की तरह तेजी से फैल सकता है? क्या यह छूने या सामान्य संपर्क से फैलता है? WHO के मुताबिक फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि यह वायरस कोरोना की तरह बेहद तेजी से फैलता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि हंता वायरस आमतौर पर संक्रमित चूहों, उनके मल-मूत्र या शरीर से निकले कणों के संपर्क से फैलता है.

क्रूज शिप से सामने आया मामला

यह मामला डच झंडे वाले लग्जरी क्रूज शिप MV Hondius से जुड़ा है. WHO के अनुसार जहाज पर पहला संक्रमित व्यक्ति 6 अप्रैल को बीमार पड़ा था और 11 अप्रैल को उसकी मौत हो गई. शुरुआत में इसे सामान्य सांस संबंधी बीमारी माना गया, लेकिन बाद में कई यात्रियों में समान लक्षण मिलने के बाद हंता वायरस की जांच शुरू हुई.

WHO ने क्या कहा?

WHO की इंफेक्शन डिजीज एक्सपर्ट Dr. Maria Van Kerkhove ने साफ कहा है कि हंता वायरस की तुलना कोरोना वायरस से नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यह SARS-CoV-2 की तरह हवा में तेजी से फैलने वाला वायरस नहीं है. उन्होंने बताया कि ज्यादातर हंता वायरस इंसान से इंसान में फैलते ही नहीं हैं और संक्रमण का खतरा केवल बेहद करीबी और लंबे संपर्क में ही हो सकता है.

एंडीज स्ट्रेन ने बढ़ाई चिंता

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस मामले में एंडीज स्ट्रेन का शक जताया जा रहा है. यह हंता वायरस का एक बेहद दुर्लभ प्रकार है, जिसमें सीमित स्तर पर इंसान से इंसान में संक्रमण फैलने की क्षमता देखी गई है. यही वजह है कि WHO इस मामले को गंभीरता से मॉनिटर कर रहा है.

छह हफ्तों तक छिपा रह सकता है वायरस

WHO के मुताबिक हंता वायरस की इन्क्यूबेशन अवधि छह हफ्ते तक हो सकती है. यानी संक्रमित व्यक्ति में कई हफ्तों बाद भी लक्षण दिखाई दे सकते हैं. इसी कारण 12 देशों को अलर्ट जारी किया गया है, जहां के यात्री जहाज से उतर चुके थे.

फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं

हालांकि WHO ने फिलहाल इसे वैश्विक खतरा नहीं माना है, लेकिन बंद जगहों जैसे क्रूज शिप में लंबे समय तक साथ रहने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. यही कारण है कि दुनिया भर की स्वास्थ्य एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ हालात पर नजर बनाए हुए हैं.

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