कैलिफोर्निया फायरिंग में आखिर किस गैंग की परछाईं दिखी

Updated on 2025-12-04T15:39:08+05:30

कैलिफोर्निया फायरिंग में आखिर किस गैंग की परछाईं दिखी

कैलिफोर्निया फायरिंग में आखिर किस गैंग की परछाईं दिखी

 

कैलिफोर्निया में हुई हालिया फायरिंग ने न सिर्फ स्थानीय प्रशासन बल्कि भारतीय एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है। इस घटना की जिम्मेदारी कुख्यात रोहित गोदारा गैंग ने ली है, जिससे अंतरराष्ट्रीय गैंगवार और खुफिया फंडिंग की नई कड़ियां सामने आ रही हैं।

रोहित गोदारा, जो लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़ा माना जाता है, लंबे समय से विदेशों में सक्रिय नेटवर्क के जरिए वारदातों को अंजाम देने के आरोपों में घिरा है। इस बार भी गैंग से जुड़े सोशल मीडिया चैनलों ने कैलिफोर्निया फायरिंग की जिम्मेदारी लेते हुए लिखा कि टारगेटेड शूटआउट “उनकी चेतावनी” थी। इसके बाद से यह खबर पूरे भारतीय सुरक्षा तंत्र में चर्चा का विषय बन गई।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि गैंग ने पाकिस्तान की ISI पर फंडिंग देने का दावा किया है। पोस्ट में कहा गया कि विदेशों में भारतीय मूल के लोगों को निशाना बनाने के लिए ISI उनसे संपर्क में रहती है और आर्थिक मदद भी देती है। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह बयान खुद में बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है कि क्या अंतरराष्ट्रीय खुफिया एजेंसियां भारतीय गैंगस्टरों का इस्तेमाल अपने एजेंडे के लिए कर रही हैं।

अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियां इस फायरिंग को गैंगवार की कड़ी से जोड़कर देख रही हैं। वहीं भारत में पुलिस और खुफिया विभाग पहले से ही रोहित गोदारा और उसके नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। कई बार उसकी लोकेशन विदेश में होने की बात सामने आई है, और अब कैलिफोर्निया की घटना ने इन आशंकाओं को और मजबूत कर दिया।

यह वारदात एक और बात साफ करती है, गैंगस्टर अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं हैं। सोशल मीडिया, फर्जी पहचान और इंटरनेशनल कनेक्शन के जरिए अपराधियों ने अपना रास्ता विदेशों तक बना लिया है। गैंगवार की यह परछाईं जहां भी जाती है, वहां डर और असुरक्षा का माहौल छोड़ देती है।

फिलहाल अमेरिका और भारत की एजेंसियां इस मामले पर समन्वय में काम कर रही हैं। असली सवाल यह है कि गैंग का दावा कितना सच है और क्या यह सिर्फ डर और प्रचार फैलाने की कोशिश है, या फिर इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है।

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