सोशल मीडिया से पैसा किसकी जेब में जाता…हर कोई बना रहा है कंटेंट
सोशल मीडिया से पैसा किसकी जेब में जाता…हर कोई बना रहा है कंटेंट
आज के समय में सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाना आसान हो गया है, लेकिन इससे लगातार और बड़ी कमाई करना हर किसी के बस की बात नहीं है। दिखने में ऐसा लगता है कि हर क्रिएटर अच्छा पैसा कमा रहा है, लेकिन असली कमाई का खेल कुछ चुनिंदा लोगों और सिस्टम के पास ही सिमटा हुआ है।
सबसे ज्यादा फायदा बड़े और स्थापित क्रिएटर्स को होता है, जिनके पास लाखों फॉलोअर्स और मजबूत ब्रांड वैल्यू होती है। ब्रांड डील, स्पॉन्सर्ड पोस्ट और लंबे कॉन्ट्रैक्ट इन्हीं को मिलते हैं। प्लेटफॉर्म पर मिलने वाला विज्ञापन रेवेन्यू अक्सर उतना बड़ा नहीं होता, जितना बाहर से आने वाला पैसा होता है।
दूसरी तरफ मिड-लेवल और छोटे क्रिएटर्स की कमाई काफी सीमित रहती है। ये लोग लगातार मेहनत करते हैं, लेकिन एल्गोरिदम, व्यूज़ और रीच पर निर्भर होने की वजह से इनकी इनकम अनिश्चित रहती है। कई बार महीनों तक मेहनत के बाद भी कमाई नाममात्र की होती है।
असल में सोशल मीडिया से सबसे स्थिर कमाई प्लेटफॉर्म्स, ब्रांड्स और मैनेजमेंट एजेंसियां करती हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विज्ञापनों से बड़ा हिस्सा अपने पास रखते हैं। वहीं ब्रांड्स को कम लागत में बड़ा प्रचार मिल जाता है। क्रिएटर मैनेजमेंट एजेंसियां डील करवाने के बदले अच्छा कमीशन लेती हैं।
एक और वर्ग जो चुपचाप पैसा कमा रहा है, वह है कोर्स बेचने वाले और मोटिवेशनल इंफ्लुएंसर। ये लोग सोशल मीडिया पर कमाई के सपने दिखाकर अपने कोर्स, मेंटरशिप और वेबिनार बेचते हैं। कई बार इनकी कमाई असली कंटेंट क्रिएटर्स से ज्यादा होती है
कुल मिलाकर सोशल मीडिया की दुनिया में कमाई सबको दिखती है, लेकिन पहुंच कुछ ही लोगों तक पाती है। कंटेंट बनाना जरूरी है, लेकिन सही रणनीति, ब्रांड वैल्यू और वैकल्पिक इनकम सोर्स के बिना इसमें टिके रहना आसान नहीं है।