दतिया में SIR सहायकों की नियुक्ति किस वजह से बन गई विवादित

Updated on 2025-11-25T15:32:27+05:30

दतिया में SIR सहायकों की नियुक्ति किस वजह से बन गई विवादित

दतिया में SIR सहायकों की नियुक्ति किस वजह से बन गई विवादित

मध्य प्रदेश के दतिया जिले में चल रही विशेष मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया (Special Intensive Revision (SIR)) के दौरान जिले के कुछ बूथ-स्तर अधिकारी (BLO) सहायकों की सूची में ऐसे नाम शामिल पाए गए जिनका संबंध Bharatiya Janata Party (भाजपा) और Rashtriya Swayamsevak Sangh (आरएसएस) से बताया गया है। प्रशासन ने बाद में माना कि यह गलती थी और ऐसे नामों को सूची से हटाया जा रहा है। 

जानकारी के अनुसार, SIR के लिए हर BLO के तहत दो-तीन सहायकों को नियुक्त किया गया था। सूची में कम-से-कम तीन ऐसे नाम पाए गए, जिनके भाजपा या आरएसएस से संबंध होने की बात सामने आई है। जिले के कलेक्टर Swapnil Wankhade ने बताया कि उन्हें यह आदेश नहीं जारी किया गया था, बल्कि SDM स्तर पर सूची तैयार हुई थी। उन्होंने कहा कि यह किसी तरह का दुष्प्रेरणा-पूर्ण कदम नहीं था, बल्कि तकनीकी चूक हुई है। 

विपक्ष की ओर से इसे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर हमला कहा जा रहा है। Indian National Congress के नेता Jitu Patwari ने ट्वीट कर आरोप लगाया कि यह भाजपा के पक्ष में कार्य करने की रणनीति का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि अगर निर्वाचन प्रक्रिया में राजनीतिक-पक्षीय लोगों को संभागीय जिम्मेदारियाँ दी जाएँ, तो लोकतंत्र कमजोर पड़ता है। 

प्रशासन ने अब कदम उठाते हुए उक्त नामों को सूची से हटाने का आदेश दे दिया है और दोषियों से स्पष्टीकरण मांगा है। कलेक्टर ने SDM एवं संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है कि इस चूक के कारणों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करें। 

यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मतदाता सूची अद्यतन और अधिकार सुनिश्चित करने की प्रक्रिया में भरोसा बहुत अहम है। अगर इसमें राजनीतिक प्रभाव झलकता है, तो उसकी वैधता पर सवाल उठ सकते हैं। दतिया घटना से यह संदेश गया है कि प्रशासन को इस तरह की संवेदनशील गतिविधियों में पूरी सावधानी बरतनी होगी।