मोहनिया सीट पर RJD की मुश्किल क्यों बढ़ी
मोहनिया सीट पर RJD की मुश्किल क्यों बढ़ी
बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को एक और झटका लगा है। राजद (RJD) की मोहनिया सीट से उम्मीदवार श्वेता सुमन का नामांकन रद्द कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि श्वेता सुमन उत्तर प्रदेश की मूल निवासी हैं, और इसी आधार पर उनके नामांकन पर आपत्ति दर्ज की गई थी। अब निर्वाचन अधिकारी ने जांच के बाद उनका पर्चा खारिज कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, श्वेता सुमन का नामांकन पत्र जांच के दौरान तकनीकी आधारों पर खारिज किया गया। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने स्थानीय निवासी प्रमाणपत्र पेश नहीं किया था, जो उम्मीदवारों के लिए आवश्यक दस्तावेजों में से एक है। इस वजह से उनके नामांकन को अमान्य घोषित कर दिया गया।
इस घटना के बाद मोहनिया सीट पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राजद समर्थक इसे “राजनीतिक साजिश” बता रहे हैं, जबकि विपक्षी दलों का कहना है कि यह चुनाव आयोग की निष्पक्ष कार्रवाई है। अब इस सीट पर महागठबंधन को नए उम्मीदवार की तलाश करनी होगी, क्योंकि नामांकन वापसी की समयसीमा नजदीक है।
मोहनिया सीट 2025 के चुनाव में एक अहम मुकाबले के रूप में देखी जा रही थी। यहां राजद और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर की उम्मीद थी। श्वेता सुमन के रेस से बाहर होने के बाद समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि अब यह सीट एनडीए के लिए आसान हो सकती है, क्योंकि महागठबंधन का संगठनात्मक ढांचा इस क्षेत्र में कमजोर बताया जाता है।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि चुनावी सीजन में इस तरह की घटनाएं विपक्षी गठबंधन की छवि को नुकसान पहुंचा सकती हैं। वहीं राजद की ओर से अब तक इस पर औपचारिक बयान नहीं आया है।
कुल मिलाकर, मोहनिया की यह घटना न सिर्फ एक उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने की कहानी है, बल्कि यह बिहार चुनाव के बदलते समीकरणों की झलक भी दिखाती है, जहां हर छोटी चूक बड़े राजनीतिक नुकसान में बदल सकती है।