दिवाली से पहले क्यों बढ़ गई चांदी की कमी
दिवाली से पहले क्यों बढ़ गई चांदी की कमी
दिवाली के त्योहार से पहले चांदी की मांग हर साल बढ़ जाती है। इस साल भी स्थिति कुछ अलग नहीं रही, लेकिन साथ ही चांदी की कमी ने इसकी कीमतों को और बढ़ा दिया। व्यापारी और निवेशक दोनों ही बाजार में सप्लाई की कमी को लेकर चिंतित हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस साल चांदी की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी और घरेलू सप्लाई में गिरावट मुख्य कारण हैं। भारत में ज्यादातर चांदी आयात से आती है, और इस बार विदेशी मार्केट में बढ़ती कीमतों के चलते आयात महंगा हो गया। इसके अलावा, त्योहारों के मौके पर गहनों और पूजा सामग्री की मांग भी रिकॉर्ड स्तर पर रही, जिससे स्थानीय बाजार में स्टॉक तेजी से कम हुआ।
मौजूदा समय में चांदी के निवेशक भी तेजी से खरीदारी कर रहे हैं। गोल्ड-सिल्वर मार्केट की रिपोर्ट के अनुसार, दिवाली से पहले चांदी की कीमतें प्रति किलो लगभग ₹86,500 तक पहुंच गई हैं। दुकानदारों का कहना है कि अगर सप्लाई सामान्य नहीं हुई, तो कीमतों में और बढ़ोतरी संभव है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आम खरीदारों और गहनों के व्यापारियों को अब बाजार पर नजर रखनी होगी और कीमतों के उतार-चढ़ाव के हिसाब से ही खरीदारी करनी चाहिए। सरकार और आयातक कंपनियों को भी सप्लाई संतुलित करने के लिए कदम उठाने की आवश्यकता है।
इस बार दिवाली पर चांदी की कमी ने यह साबित कर दिया कि मांग और अंतरराष्ट्रीय मार्केट की चाल सीधे घरेलू कीमतों को प्रभावित कर रही है।