PoK में उबाल से पाकिस्तान पर क्यों बढ़ा अंतरराष्ट्रीय दबाव

Updated on 2025-10-03T16:34:05+05:30

PoK में उबाल से पाकिस्तान पर क्यों बढ़ा अंतरराष्ट्रीय दबाव

PoK में उबाल से पाकिस्तान पर क्यों बढ़ा अंतरराष्ट्रीय दबाव

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में सरकार के खिलाफ भड़के प्रदर्शन अब और हिंसक होते जा रहे हैं। अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है और हालात बिगड़ते ही जा रहे हैं। इसी आंच ने अब संयुक्त राष्ट्र (UN) तक पहुंचकर पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

जिनेवा में यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी और अन्य संगठनों ने पाकिस्तान की नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि पाकिस्तान की सेना और हुकूमत को आम लोगों को मारने का कोई हक नहीं है। उनका आरोप है कि पाकिस्तान प्रशासन जनता की आवाज दबाने के लिए गोलीबारी और हिंसा का इस्तेमाल कर रहा है।

इससे पहले इस्लामाबाद प्रेस क्लब के बाहर भी हजारों लोग इकट्ठा होकर विरोध जता चुके हैं। लगातार महंगाई, बिजली-पानी की किल्लत और रोज़गार की कमी से नाराज जनता ने पाकिस्तान सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। लोगों का कहना है कि वह बुनियादी हक मांग रहे हैं और इसके बदले उन्हें गोलियां दी जा रही हैं।

PoK में हो रही इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की छवि पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। UN तक मामला पहुंचने से अब दबाव और बढ़ सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर पाकिस्तान ने हालात पर नियंत्रण नहीं किया तो यह विरोध और तेज हो सकता है और वैश्विक स्तर पर उसे और अलग-थलग कर देगा।

PoK की यह लहर अब सिर्फ स्थानीय नाराजगी नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनती जा रही है। सवाल यही है कि क्या पाकिस्तान अब भी जनता की आवाज दबाने की कोशिश करेगा या हालात को सुधारने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा।