दिल्ली में धमकी का खेल क्यों थम नहीं रहा

Updated on 2025-11-18T17:21:45+05:30

दिल्ली में धमकी का खेल क्यों थम नहीं रहा

दिल्ली में धमकी का खेल क्यों थम नहीं रहा

राजधानी दिल्ली में एक बार फिर बम की धमकी वाला ईमेल आया और कुछ ही मिनटों में कई जगहों पर हड़कंप मच गया। इस बार निशाना बने दो CRPF स्कूल और साकेत, रोहिणी और पटियाला हाउस कोर्ट। ईमेल मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और सभी स्थानों पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया।

सुबह अचानक मिले ईमेल में बम होने की बात कही गई थी। संदेश जैसे ही स्कूल प्रशासन और अदालतों तक पहुंचा, सभी जगहों पर अफरा-तफरी फैल गई। बच्चों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया शुरू हुई और स्कूलों को तुरंत खाली करवाया गया। अदालत परिसरों में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई और लोगों की एंट्री पर अस्थायी रोक लगाई गई। बम स्क्वाड और डॉग स्क्वाड टीमों ने पहुंचकर पूरे परिसर की जांच की।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि यह संदेश संदिग्ध लग रहा है, लेकिन इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। पिछले कुछ महीनों में राजधानी में कई बार ऐसे फर्जी ईमेल भेजे जा चुके हैं, जिनका उद्देश्य लोगों में डर फैलाना और सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान भटकाना होता है। लेकिन खतरे की प्रकृति को देखते हुए हर बार पूरी प्रक्रिया अपनानी पड़ती है, जिससे शहर की रोजमर्रा की गतिविधियाँ भी प्रभावित होती हैं।

CRPF के स्कूलों को भेजी गई धमकी ने माता-पिता की चिंता और बढ़ा दी। कई अभिभावक स्कूलों के बाहर ही जमा हो गए ताकि बच्चों की सुरक्षा की सुनिश्चित जानकारी मिल सके। वहीं अदालत परिसरों में मौजूद लोगों को लगातार अपडेट दिया गया कि जांच पूरी होने तक परिसर में कोई भी संदिग्ध वस्तु न छूए और सुरक्षा नियमों का पालन करे।

प्राथमिक जांच के बाद अब पुलिस ईमेल के स्रोत का पता लगा रही है। साइबर सेल भी शामिल हो गया है ताकि यह समझा जा सके कि धमकी किसने और किस उद्देश्य से भेजी। पिछले मामलों में कई बार ईमेल विदेश से भेजे गए थे, तो कई बार नाबालिगों की शरारत भी निकल चुकी है।

दिल्ली जैसा संवेदनशील शहर ऐसे संदेशों को लेकर हमेशा उच्च सतर्कता पर रहता है। इस बार भी सभी जगहों की जांच पूरी होने तक सुरक्षा एजेंसियों ने कोई जोखिम नहीं उठाया। हालांकि अभी तक कुछ भी संदिग्ध बरामद नहीं हुआ है, पर सवाल वही खड़ा है, आखिर राजधानी को बार-बार ऐसी धमकियों से कौन और क्यों निशाना बना रहा है।

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