क्या इस बार जवाब से मिटेगा पाकिस्तान का नक्शा
क्या इस बार जवाब से मिटेगा पाकिस्तान का नक्शा
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने सीमा पर तैनाती का जायजा देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान अपने कदम नहीं बदलेगा तो भारत पिछली बार दिखाई गई संयम की शैली को दोबारा नहीं अपनाएगा। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर 1.0’ का हवाला देते हुए कहा कि अगली बार कार्रवाई ऐसी होगी कि पड़ोसी को उसकी भू-राजनीतिक जगह पर सवाल उठाना पड़ेगा।
उनके इस कड़े तेवर का मुख्य मकसद आतंकवाद के समर्थन को रोकना बताया जा रहा है । सेना का संदेश है कि सीमापार से आने वाली हर तरह की साज़िश अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों ने कहा है कि सैनिकों की तैयारी और टोही बढ़ा दी गई है और आवश्यक कार्रवाई के लिए सभी विकल्प खुले रखे गए हैं।
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विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी कड़ी भाषा का राजनैतिक और दूतावासीय दोनों स्तरों पर असर पड़ेगा। एक ओर यह शक्ति प्रदर्शन है, दूसरी ओर इससे नियंत्रण और कूटनीति दोनों ही चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। अगर तनाव बढ़ा तो क्षेत्र में सैन्य सक्रियता और कूटनीतिक दबाव दोनों देखने को मिल सकते हैं।
नागरिकों के लिए साफ संकेत यह है कि सीमापार सुरक्षा मामलों पर नजर सख्त बनेगी, लेकिन यह भी सच है कि किसी भी बड़े सैन्य कदम के आर्थिक और मानवीय नतीजे होंगे। इसलिए अब सबकी नज़र अगली सैन्य-नीति और सरकार के कूटनीतिक कदमों पर टिकी है — क्या तनाव खुद-ब-खुद घटेगा या बढ़ेगा, यह जल्द ही साफ होगा।