काम का दबाव… ट्रॉमा में गई ज़िंदगी
काम का दबाव… ट्रॉमा में गई ज़िंदगी
केरल से एक परेशान कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने सरकारी सिस्टम में काम के बढ़ते बोझ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। SIR यानी Special Intensive Revision प्रक्रिया से जुड़े एक BLO ने आत्महत्या कर ली। परिवार का दावा है कि अधिकारी लगातार दबाव डाल रहे थे और रात देर तक फॉर्म भरना रोज़ की मजबूरी बन गई थी।
घटना के बाद इलाके में स्तब्ध माहौल है। बताया जा रहा है कि BLO कई दिनों से तनाव में था। SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची का अपडेट समय पर पूरा करना होता है और इस बार काम की मात्रा अचानक बढ़ जाने से कई कर्मचारी मानसिक दबाव झेल रहे थे। परिजनों के मुताबिक वह रोज़ रात 2 बजे तक डाटा एंट्री और फॉर्म भरने में लगा रहता था। लगातार फोन पर सुपरवाइजर्स की मॉनिटरिंग और “डेडलाइन” के दबाव ने उसकी हालत और बिगाड़ दी।
पुलिस को मौके से कुछ निजी नोट्स और फोन रिकॉर्ड मिले हैं, जो बताते हैं कि वह काम के स्ट्रेस से टूट चुका था। जांच टीम अब विभागीय अधिकारियों से भी पूछताछ कर रही है कि आखिर BLO पर इतना अतिरिक्त दबाव क्यों डाला जा रहा था। स्थानीय लोग और साथी कर्मचारी इसे एक ‘सिस्टम फेल्योर’ बता रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि इस बार SIR प्रक्रिया की समीक्षा की जाए, ताकि किसी और कर्मचारी को ऐसी मजबूरी का सामना न करना पड़े।
यह घटना सिर्फ एक आत्महत्या नहीं, बल्कि उन हजारों जमीनी कर्मचारियों की आवाज़ है, जो मौन होकर हर दिन बोझ ढो रहे हैं। सिस्टम की कठोरता एक इंसान की जान ले चुकी है,अब सवाल है, जिम्मेदारी कौन लेगा?